पंकजा मुंडे का बयान आने के बाद उनके समर्थकों की नाराजगी और बढ़ गई है। विस्तार को लेकर पंकजा मुंडे दो दिनों तक खामोश रहीं, लेकिन रक्षाबंधन के मौके पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी।
महाराष्ट्र में शिंदे सरकार बनने के 40 दिन बाद मंत्रिमंडल का गठन हो गया। लेकिन हैरानी तो तब हुई जब मंत्रिमंडल में किसी महिला को शामिल नहीं किया गया इसके बाद महाराष्ट्र सरकार काफी आलोचना हुई। वहीं अब भाजपा नेता पंकजा मुंडे ने अपनी अनदेखी पर खुलकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि शायद वह काबिल नहीं इसलिए उनको मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।
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समर्थक हो सकते हैं आक्रामक
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं ने मुझे कैबिनेट के काबिल ही नहीं समझा। जब उनका मन करेगा तब देंगे। मुंडे के बयान के बाद उनके समर्थक आक्रामक हो सकते हैं और महाराष्ट्र में सियासत गरमा सकती है। साथ ही कहा कि उनको कैबिनेट में शामिल करने के बारे में और कुछ नहीं कहना है।
शिंदे मंत्रिमंडल में एक भी महिला ना होने पर महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने निराशा जाहिर की थी। वहीं पंकजा मुंडे भाजपा की एक ऐसी नेता थीं जिनकी शिंदे-फडणवीस सरकार के कैबिनेट विस्तार में जगह मिलने की चर्चा थी, हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। मुंडे का बयान आने के बाद उनके समर्थकों की नाराजगी और बढ़ गई है। वहीं सरकार के विस्तार को लेकर पंकजा मुंडे दो दिनों तक खामोश रहीं, लेकिन रक्षाबंधन के मौके पर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी।
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सुप्रिया सुले ने भी साधा निशाना
एकनाथ शिंदे कैबिनेट में एक भी महिला न होने को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की नेता सुप्रिया सुले ने मंगलवार को सत्ताधारी पार्टियों पर निशाना साधा। सुले ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक भी महिला को कैबिनेट में जगह नहीं मिली। देश की पचास फीसदी आबादी महिलाओं की है और एक भी महिला को कैबिनेट में जगह न मिलना हैरान करता है। उन्होंने कहा कि यह फैसला दिखाता है कि वे महिलाओं का सम्मान नहीं करते।
शिंदे मंत्रिमंडल का सीएम पद के लिए एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम पर देवेंद्र फडणवीस की शपथ के 41 वें दिन मंगलवार को विस्तार किया गया था। इसमें शिवसेना के बागी शिंदे गुट और भाजपा के नौ-नौ मंत्री, इस तरह कुल 18 मंत्री बनाए गए हैं।