यूपी के आगरा जिलान्तर्गत आने वाले एक गांव में कानून को ठेंगा दिखाते हुए बलात्कार का मामला पंचायत में निपटा दिया गया। वो भी पंचों की दबंगई के तरीके से। बलात्कारी युवक को सिर्फ पांच जूते मारने की सजा सुनाई गई। पंचायत में ही इस पर अमल किया गया। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। इस मनमानी पर पीड़ित लड़की का परिवार उफ तक न बोल पाया। हैरानी की बात यह है कि मामला पुलिस तक पहुंच गया, फिर भी कार्रवाई नहीं की जा रही। थाना प्रभारी का कहना है कि पंचायत में पांच जूते मारे जाने की बात संज्ञान में आई है, पूरा मामला नहीं पता है।
घटना 24 मई की है। विवाहिता के साथ घर में घुसकर रेप किया गया। आरोप गांव के ही युवक पर है। महिला ने परिवार में जाकर घटना की जानकारी दी। परिवार के कुछ लोग पुलिस के पास जाने की बात कह रहे थे तो कुछ आरोपी को खुद ही सबक सिखाना चाहते थे। पीड़ित महिला से किसी ने नहीं पूछा कि वह क्या चाहती है? दबंगों तक केस पहुंचा तो उन्होंने पंचायत बुला ली। इसमें आरोपी पक्ष का पलड़ा भारी रहा।
गांव के लोगों ने बताया कि पंचों ने कहा कि आरोपी ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगा, उसे पांच जूते मारकर सजा दी जाए। उसके सिर पर वहीं पर उसके पिता ने पांच जूते मारे। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि पूरा प्रकरण संज्ञान में नहीं है लेकिन पंचायत में किसी लड़के को अपराध करने पर पांच जूते मारने की बात प्रकाश में आयी है।