लंबी कानूनी लड़ाई के बाद राज्य के बहु-प्रतीक्षित पंचायत चुनावों के लिए सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले जाएंगे। अगले साल होने आम चुनावों से पहले के प्रमुख चुनाव होने के कारण इस चुनाव की अहमियत काफी बढ़ गई है। राजनीतिक दल इसे लोकसभा चुनावों से पहले अपनी ताकत के परीक्षण के तौर पर ले रहे हैं।
राज्य चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि मतदान सोमवार को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक होगा। मतगणना 17 मई को होगी। जरूरत पड़ी तो 16 मई को पुनर्मतदान कराया जाएगा। बता दें कि पंचायत चुनाव से पहले इस बार हिंसा और कानूनी विवादों ने काफी सुर्खियां बटोरी हैं। खासकर नामांकन दाखिले की प्रक्रिया के दौरान होने वाली हिंसा के मसले पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भाजपा, कांग्रेस एवं वाममोर्चा के बीच जुबानी व कानूनी जंग का लंबा दौर चला है।
चुनाव आयोग ने मतदान के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। इसके लिए असम, ओडिशा, सिक्किम और आंध्र प्रदेश से लगभग डेढ़ हजार सुरक्षाकर्मी बुलाए गए हैं। इसके अलावा राज्य पुलिस के 46 हजार, कोलकाता पुलिस के 12 हजार और विभिन्न विभागों के दो हजार जवानों को मतदान केंद्रों पर तैनात किया जाएगा। सुरक्षा बलों ने रविवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में रूट मार्च किया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 3,358 ग्राम पंचायतों की 48,650 में से 16,814 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। वहीं 31 पंचायत समितियों की 9,217 में से 3,059 सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया है। इसी तरह 20 जिला परिषदों की 825 में से 203 सीटों पर मुकाबला निर्विरोध रहा है।