फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पालघर भीड़ हिंसा मामले की जांच एनआईए को सौंपने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट की कॉपी मांगी

Wed, 24 Feb 2021 12:47 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पालघर
विज्ञापन
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

महाराष्ट्र के पालघर जिले में पिछले साल अप्रैल में दो साधुओं समेत तीन लोगों की भीड़ द्वारा हत्या के मामले में बुधवार को उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र पुलिस को दूसरा पूरक आरोप पत्र रिकॉर्ड में दर्ज कराने का निर्देश दिया।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति आर एस रेड्डी की पीठ को महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने बताया कि मामले में दूसरा पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया है। पीठ ने कहा कि नए आरोप पत्र को दो सप्ताह के भीतर रिकॉर्ड में दर्ज कराया जाए। इसके साथ ही न्यायालय ने इस मामले को इसके बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।



पिछले साल सात सितंबर को महाराष्ट्र पुलिस ने उच्चतम न्यायालय को बताया था कि इस मामले में ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के लिए पुलिस कर्मियों को सजा दी गई थी। पीठ ‘श्री पंच दशबन जूना अखाड़ा’ के साधुओं और मृतक साधुओं के परिजनों की ओर से दायर की गई याचिका समेत एक अन्य याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

विज्ञापन


याचिका में कहा गया है कि राज्य पुलिस ने पक्षपाती रवैया अपनाते हुए जांच की। एक अन्य याचिका में घटना की जांच एनआईए से करवाने की याचना की गई है। पुलिस ने इस घटना के संबंध में एक सौ से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें