चेन्नई एयरपोर्ट के पास से अपहरण कर महाराष्ट्र में पालघर के जंगल में लाकर नौसैनिक सूरज दुबे को जिंदा जलाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पालघर पुलिस की जांच में नौसैनिक दुबे का यह बयान झूठा साबित हुआ है। बुधवार को पालघर के एसपी दत्तात्रय शिंदे ने यह खुलासा किया है।
पुलिस जांच में सामने आए आत्महत्या के सबूत
एसपी शिंदे ने बताया कि इस मामले की जांच कर रही पुलिस टीम ने चेन्नई पहुंचकर वहां लगे सीसीटीवी को खंगाला तो पता चला कि सूरज दुबे ने पालघर पुलिस को जो जानकारी दी है वह झूठी है। पुलिस टीम ने जांच में पाया कि चेन्नई एयरपोर्ट के बाहर एटीएम मशीन, बस स्टॉप, होटल व अन्य जगहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे में सूरज दुबे स्वतंत्र रूप से घूमते नजर आ रहे हैं।
वहीं, एक सीसीटीवी फुटेज में चेन्नई में एटीएम से खुद पैसा निकालते हुए दिखाई दे रहे हैं। इससे साबित होता है कि उनका किसी ने अपहरण नहीं किया था। पालघर जिला के तालसरी में एक पेट्रोल पंप से सूरज दुबे दो बोतल में डीजल खरीदते हुए सीसीटीवी कैमरे में नजर आए हैं। एसपी ने बताया कि पुलिस जांच में कई सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, जो दुबे के आत्महत्या करने की तरफ इशारा कर रहे हैं।