दिल्ली के पालम में इमारत में भयंकर आग लगी
- फोटो : भूपिंदर सिंह
दिल्ली के पालम इलाके में बुधवार को आग लगने से नौ लोगों की मौत पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी ने इसे दिल्ली सरकार की लापरवाही करार देते हुए घटना की जांच की मांग की है। पार्टी ने घटनास्थल पर फायर ब्रिगेड के समय से न पहुंचने और फायर ब्रिगेड टीम के पास आवश्यक संसाधन न होने को लेकर सवाल उठाया है। वहीं, भाजपा ने आम आदमी पार्टी से इस मामले पर सियासत न करने की बात कही है। पार्टी ने कहा है कि उसकी सरकार सिस्टम की खामियों को दूर कर इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाएगी। दिल्ली सरकार ने घटना की मजिस्ट्रेट स्तर से जांच कराने का आदेश दिया है। सरकार ने मृतकों के लिए दस लाख रुपये और घायलों के लिए दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पालम की घटना पर दुख प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि वे पीड़ित परिवार के लोगों के साथ खड़ी हैं और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं जिससे घटना के कारणों का पता लगाया जा सके और इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने घटना में मरे वयस्क लोगों के परिवारजनों को दस-दस लाख रुपये, नाबालिग बच्चों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायल हुए लोगों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
आप ने सरकार को घेरा
आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पालम के घटनास्थल से फायर ब्रिगेड की स्थानीय शाखा पांच मिनट की दूरी पर थी, लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में ज्यादा समय लगा जिससे लोगों को बचाया नहीं जा सका। भारद्वाज ने कहा कि फायर ब्रिगेड की टीम के पास आवश्यक ऊंचाई की सीढ़ी तक उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बचाव टीम के पास आवश्यक जाल तक नहीं था जिससे लोगों को बचाया जाता।
भारद्वाज ने कहा कि राजधानी की रिहायशी बस्तियों में 17.5 मीटर की ऊंचाई (लगभग चार मंजिल) तक के घर बनाने की अनुमति दी जाती है। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग के पास भी इतनी ऊंचाई की सीढ़ी होने का नियम है जिससे किसी तरह की दुर्घटना होने पर लोगों को बचाया जा सके। लेकिन आरोप है कि अग्निशमन विभाग की टीम के पास इतनी ऊंचाई की सीढ़ी नहीं थी जिससे इतनी भयानक दुर्घटना घट गई।
दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण, राजनीतिक बयानबाजी सही नहीं- वीरेंद्र सचदेवा
दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि इस दुखद मामले पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में पिछले 27 साल से ऐसी सरकारें रही हैं जिन्होंने मूल आवश्यकता वाली चीजों को ठीक करने का काम नहीं किया जिसके कारण इस तरह की घटना हो गई। उन्होंने कहा कि दिल्ली की भाजपा सरकार लगातार कमियों को ठीक करने का गंभीरतापूर्वक प्रयास कर रही है और बहुत जल्द ही ये बदलाव जमीन पर दिखाई पड़ेंगे।
सचदेवा ने कहा कि विशेषज्ञ समिति ने दिल्ली में 85 फायर स्टेशन खोलने की सिफारिश की थी, लेकिन समय रहते इतने फायर स्टेशन नहीं बनाए गए। इससे दुर्घटनाओं को काबू करने में विभाग को समस्या आई। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में राजनीति सही नहीं है। उन्होंने कहा कि 2023-24 में (आम आदमी पार्टी की सरकार रहने पर) आग लगने की घटनाओं में 1303 लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार सुरक्षा के सभी उपाय करने का प्रयास करेगी।