पाकिस्तान के अशांत उत्तर-पश्चिम में सोमवार को आतंकवाद निरोधी केंद्र में हुए दोहरे विस्फोट के पीछे आतंकवादी के होने से मंगलवार को पुलिस ने इनकार कर दिया है। बता दें, इस हमले में करीब 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 अन्य घायल हुए हैं।
शुरुआती जानकारी से पता चला कि सोमवार को रात आठ बजकर 20 मिनट पर स्वात जिले के कबाल में पुलिस स्टेशन परिसर के भीतर विस्फोट हुआ था। इस परिसर में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) का ऑफिस और एक मस्जिद भी है। पहले इसे आतंकी हमला बताया जा रहा था। हालांकि बाद में इससे इनकार कर दिया गया।
उप महानिरीक्षक (डीआईजी) सीटीडी खालिद सुहैल ने बताया कि विस्फोट में मारे गए लोगों में एक बच्ची, 12 पुलिसकर्मी और चार हिरासत में लिए गए कैदी शामिल हैं। आत्मघाती हमले के शुरुआती दावों का खंडन करते हुए सुहैल ने बताया कि पुलिस स्टेशन में एक स्टोर था, जहां भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जमा किए गए थे। शुरुआती जांच से पता चला कि आयुध डिपो में शॉर्ट सर्किट की वजह से विस्फोट हुआ है।
पुलिस ने कहा कि जांच में सामने आया है कि आतंकवादियों द्वारा हमला करने का कोई सबूत नहीं मिला है। इस बात की काफी संभावना है कि शस्त्रागार में आग लगने व शॉर्ट सर्किट के कारण विस्फोट हुआ हो। खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) अख्तर हयात ने भी आतंकवादियों के घटना से पीछे इनकार किया।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि मलबे को हटाने का काम चल रहा है क्योंकि विस्फोट के कारण मस्जिदों, घरों, स्कूल की दीवारों और छतों सहित आसपास की इमारतें भी ढह गईं।