टिड्डियों के प्रकोप से गुजरात के मेहसाणा, कच्छ, पाटन, साबरकांठा तथा राजस्थान के बाड़मेर, श्रीगंगानगर, जालौर, हनुमानगढ़ और चिरू जिले में हाहाकार मच गया था।
इन फसलों पर था संकट
टिड्डियों के प्रकोप से गुजरात और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में गेहूं, आलू, सरसों, जीरा, जींस, सौंफ, जेट्रोफा और कपास की फसलों के पूरी तरह तबाह होने का संकट पैदा हो गया था।