विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव (फाइल फोटो)
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पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आएगा। पाकिस्तान आतंकवाद फैलाने वैश्विक मंचों पर अक्सर लताड़ खाता रहता है। इसके बावजूद पाकिस्तान आतंकवाद पर शिंकजा कसने के बजाय आतंकपरस्त सोच का ठीकरा भारत पर फोड़ रहा है। इस पर भारत ने रविवार को पाकिस्तान लताड़ जमकर लताड़ लगाई है। विदेश मंत्रालय ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान में कुछ आतंकवादी हमलों के पीछे भारत का हाथ होने के पड़ोसी देश के आरोप मनगढ़ंत हैं। पड़ोसी देश भारत के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है। जबकि हकीकत से दुनिया वाकिफ है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान में कुछ आतंकवादी हमलों के पीछे भारत का हाथ होने के पड़ोसी देश के आरोप पर भारत के खिलाफ सबूत के तथाकथित दावों की कोई विश्वसनीयता नहीं है। श्रीवास्तव ने कहा, ''हमने पाकिस्तानी प्रतिष्ठान की तरफ से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की रिपोर्ट देखी है। यह अभी तक एक और भारत विरोधी दुष्प्रचार है। मनगढ़ंत दस्तावेजों और झूठा विमर्श बनाने से पाकिस्तान इस तरह की गतिविधियों की जवाबदेही से बच नहीं सकता। हमें विश्वास है कि दुनिया उसकी जवाबदेही तय करेगी।''
पाकिस्तान के सच से दुनिया वाकिफ
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान के जानबूझकर किए जा रहे इस तरह के प्रयासों पर कोई भरोसा नहीं करेगा क्योंकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान की चालों को अच्छे से जानता है। इस्लामाबाद के आतंकवाद को प्रायोजित करने के सबूतों को उसके खुद के नेतृत्व ने कबूल किया है। वैश्विक आतंक का चेहरा ओसामा बिन लादेन, पाकिस्तान में पाया गया था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खा ने लादेन को अपनी संसद में एक 'शहीद' के रूप में महिमामंडित किया, उन्होंने पाक में 40,000 आतंकवादियों की उपस्थिति को स्वीकार किया। उनके मंत्री ने पुलवामा आतंकी हमले में अपने पीएम के नेतृत्व में पाकिस्तान की भागीदारी का दावा किया था।
क्या है मामला ?
भारत की इस तीखी प्रतिक्रिया से एक दिन पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में हुए कुछ आतंकी हमलों के पीछे भारत का हाथ है।
भारत ने कहा, आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश
श्रीवास्तव ने इन आरोपों पर मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि यह भारत-विरोधी दुष्प्रचार की एक और व्यर्थ कवायद है।भारत के खिलाफ सबूत होने के तथाकथित दावों की कोई प्रामाणिकता नहीं है और ये मनगढ़ंत तथा कल्पित हैं। उन्होंने पाकिस्तान के इस संवाददाता सम्मेलन को पड़ोसी देश की सरकार की आंतरिक राजनीति तथा अर्थव्यवस्था संबंधी नाकामियों से ध्यान हटाने, जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन एवं घुसपैठ समेत सीमापार से आतंकवाद को उचित ठहराने की जानबूझकर की गयी कोशिश करार दिया।