पाकिस्तान के प्रमुख अखबार ने अपने मुल्क की सरकार को नसीहत देते हुए कहा है कि पाक को मानवीयता के आधार पर भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की मां के वीजा को मंजूर किया जाना चाहिए। अखबार का कहना है कि यह संबंधों में तल्खी को कम करने के साथ ही यह भी दर्शाने का मौका है कि मानवता अभी भी बरकरार है।
पाक लगातार जाधव को राजनयिक पहुंच मुहैया कराने से इनकार करता रहा है। उसकी मां के अपने बेटे से मिलने पाकिस्तान आने के लिए वीजा आवेदन भी अधिकारियों के पास लंबित है। डॉन समाचार पत्र ने अपने संपादकीय में कहा कि पाक सरकार को मानवता के आधार पर जाधव की मां के वीजा को मंजूर कर लेना चाहिए।
लेख में कहा गया है कि वीजा आवेदन एक ऐसा अवसर है जिससे दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव को दूर किया जा सकता है। अखबार ने कहा, ‘मां और बेटे के बीच मुलाकात राजनयिक मंजूरी के मसले से बिल्कुल अलग है।’
गौरतलब है कि जाधव को राजनयिक पहुंच देने के मसले पर अंतरराष्ट्रीय अदालत में मामला चल रहा है। पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल में जाधव को कथित तौर पर जासूसी और आतंकवाद के मामले में फांसी की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ भारत की अपील के बाद अंतरराष्ट्रीय अदालत ने जाधव की फांसी की सजा के अमल पर रोक लगा दी थी।