घाटी में सेना की कार्रवाई में जिंदा हाथ आए लश्कर-ए-ताइबा के आतंकवादी बहादुर अली ने पाकिस्तानी एजेंसियों के नापाक इरादों का सनसनीखेज खुलासा किया है। 21 साल के बहादुर ने बताया है कि अति प्रशिक्षित आतंकियों के बड़े जत्थे को घाटी में अशांति फैलाने और हिंसक कार्रवाई में शामिल होने के लिए भेजा गया है।
वह और उसके मारे गए साथी उसी योजना के हिस्से थे। सैफुल्ला नाम से घाटी में ऑपरेट कर रहे बहादुर के सनसनीखेज खुलासे को पाकिस्तान के लिए इनकार करना मुश्किल साबित होगा। नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की टीम बहादुर को बृहस्पतिवार को सुबह चार बजे श्रीनगर से लेकर दिल्ली पहुंची। उसके बाद से अज्ञात स्थान पर उससे पूछताछ की जा रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल खुद मामले की देखरेख कर रहे हैं। योजना है कि 3 अगस्त को सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने पाकिस्तान जा रहे गृह मंत्री राजनाथ सिंह इस मुद्दे को उठाएंगे। एनआईए के उच्च पदस्थ सूत्रों ने बताया कि बहादुर दो साथियों साद भाई और दर्दा भाई के साथ करीब दो महीने पहले लीपा घाटी से कश्मीर में दाखिल हुआ था। साद और दर्दा सेना के इसी ऑपरेशन में मारे गए।