घाटी में हिंसा भडक़ा रहे पाकिस्तानी, सऊदी अरब के 35 चैनलों पर प्रतिबंध से पाकिस्तान परेशान हो गया है। पाकिस्तानी मीडिया ने राज्य में इन चैनलों के प्रसारण पर रोक लगाने के निर्णय की आलोचना की है।
डॉन समाचार ने एक लेख में पाकिस्तानी चैनलों का महिमामंडन करते हुए कहा है कि यह चैनल हिंसा नहीं फैलाते बल्कि समाचार, मनोरंजन, खानपान, धर्म और खेल से जुड़े कार्यक्रम पेश करते हैं। लेख में कहा गया है कि चैनलों पर प्रतिबंध से कश्मीरी विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्ग लोग नाराज हैं।
इसमें पाकिस्तानी खेल, फूड चैनलों के कश्मीरी लोगों जिसमें गृहणियां, कामकाजी महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं, के बीच लोकप्रियता का हवाला दिया गया है। धार्मिक चैनलों पर प्रतिबंध से बुजुर्ग लोगों में रोष की बात भी कही गई है।
घाटी में सूचना प्रसारण मंत्रालय की अनुमति के बिना प्रसारित होने वाले पाक चैनलों की ओर से हिंसा भडक़ाने संबंधी रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार ने पाक चैनलों को प्रतिबंधित करने संबंधी आदेश दिया था।
सोशल मीडिया पर लगाया था प्रतिबंध
इससे पहले सरकार ने हिंसा की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर कश्मीर घाटी में २२ सोशल नेटवर्किंग साइट्ïस पर प्रतिबंध लगाया था। इसमें फेसबुक, ट्ïिवटर, यूट्ïयूब (अपलोड), वाट्ïसएप, स्काइप, वीचैट, गूगल प्लस, स्नैपचैट, स्नैपफिश, टेलीग्राम, रेडिट, बायदू और पिंटरेस्ट आदि शामिल थे। सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार साल २०१२ से २०१६ के बीच ३१ बार इंटरनेट ब्लॉक किया जा चुका है।