आतंकवाद पर भारत का पाकिस्तान पर हमला लगतार जारी है। ब्रिक्स और ईस्ट एशिया समिट के दौरान वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को निशाना बनाने के बाद अब ईस्ट वेस्ट सेंटर कांफ्रेंस में विदेश सचिव एस जयशंकर ने पाकिस्तान को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि आतंकवादी गतिविधियों पर कोई भी देश यह कह कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता है कि ऐसा करने वाले गैर सरकारी तत्व (नॉन स्टेट एक्टर) हैं। विदेश सचिव ने आतंकवाद के मामले में गैर सरकारी और सरकारी अवधारणा को विरोधाभासी और कार्रवाई से बचने का बहाना बताया। उन्होंने यह भी कहा कि महज कुछ आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के आधार पर दूसरे आतंकी संगठनों को खुली छूट को उचित नहीं ठहराया जा सकता। गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स और ईस्ट एशिया समिट में पाकिस्तान को आतंकवाद का निर्यातक देश करार दिया था।
विदेश सचिव ने कहा कि आतंकवाद के मामले में सरकारी और गैर सरकारी तत्व का हवाला देना कार्रवाई के बदले जिम्मेदारी से भागने का बहाना है। कोई भी देश यह कह कर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई से पल्ला नहीं झाड़ सकता कि ऐसा करने वाले गैर सरकारी तत्व थे। विदेश सचिव ने कहा कि दरअसल यह पूरी की पूरी अवधारणा ही प्रायोजित है। इस दौरान विदेश सचिव ने मुंबई और पठानकोट आतंकी हमले का हवाला भी दिया। इन दोनों ही मामलों में पाकिस्तान ने यह कह कर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की कि आतंकी हमले में शामिल तत्व गैरसरकारी थे।
विदेश सचिव ने इस दौरान पाकिस्तान की ओर से कुछ आतंकी संगठनों को खुला छोड़ देने पर भी तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ आतंकी संगठनों पर कार्रवाई के बाद किसी भी देश को इसकी छूट नहीं मिलनी चाहिए कि वह इसके बदले कुछ दूसरे आतंकी ग्रुप को खुला छोड़ दे।