आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने शनिवार को कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने बेलआउट के पहले मसौदे को खारिज कर दिया है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ वार्ता जारी है। जियो टीवी के मुताबिक, वार्ता को 10 मई को खत्म किया जाएगा। साथ ही परिणाम तक पहुंचने के लिए जरूरी समयसीमा तक वार्ता जारी रहेगी। वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि आईएमएफ के साथ हमारी चर्चा में काफी बेहतर बातचीत हुई है।
स्थानीय मीडिया की खबरों की मानें तो, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान लोगों पर कर बोझ डालने को तैयार नहीं हो रहे हैं। इससे दोनों पक्षों के बीच जारी बातचीत ठहराव के कगार पर पहुंच गई है। आईएमएफ दल के प्रमुख अर्नेस्टो रीगो अभी इस्लामाबाद में ही हैं। पाकिस्तान को आईएमएफ से तीन साल के लिए करीब 6.50 अरब डॉलर का राहत पैकेज मिलने की उम्मीद है।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता खाकान हसन नजीब के हवाले से कहा, ‘हमने यहां आए आईएमएफ दल के साथ बातचीत में अच्छी प्रगति की है। परामर्श सप्ताहांत पर भी जारी रहेगा।’ वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार आईएमएफ के साथ अभी तक हुई बातचीत प्रमुख रूप से तीन ऐसे मुद्दे हैं जिनके कारण बातचीत का निष्कर्ष नहीं निकल सका है।