भारत और पाकिस्तान के राजनयिकों के पिछले काफी समय से राजनयिक विवाद चल रहा था। जो काफी बातचीत और वरिष्ठों के हस्तक्षेप के बाद खत्म हुआ था। लेकिन पाकिस्तान द्वारा मौखिक संदेश भेजकर शिकायत किए जाने के बाद फिर से यह विवाद पैदा हो गया है। दोनों देशों के बीच राजनयिकों की सुरक्षा को लेकर 1992 कोड ऑफ कंडक्ट (सीओसी) के तहत एक समझौता हुआ था। मगर यह कारगर साबित होता नहीं दिख रहा है।
एक तरफ पाकिस्तान जहां भारत पर अपने
राजनयिकों को परेशान करने का आरोप लगा रहा है। वहीं दूसरी तरफ वह भारतीय अधिकारियों को परेशान करने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने इस महीने में तीसरी बार विदेश मंत्रालय के पास आधिकारिक तौर लिखित संदेश के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया है। उसका दावा है कि भारतीय अधिकारी उसके राजनयिकों को परेशान कर रहे हैं।
बदले की कार्यवाही करते हुए पाकिस्तान ने भारतीय एयर एडवाइजर को 10 जून को इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर ही रोक लिया था क्योंकि उनके पास पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा दिया गया आईडी कार्ड नहीं था। इसपर विदेश मंत्रालय ने सफाई देते हुए कहा है कि उनके कार्ड को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने रिन्यू नहीं किया है।
इससे एक दिन पहले पड़ोसी देश ने आरोप लगाया था कि भारत में मौजूद उसके एयर एडवाइजर जब वसंत कुंज के डीएलएफ मॉल गए थे तो वहां उनकी गाड़ी को तोड़ दिया गया था। मार्च 30 को ही दोनों देशों ने महीनेभर चले राजनयिक उत्पीड़न के मामले को बातचीत के बाद सुलझा लिया था। उसके बाद से यह पहला मौका है जब इसकी शिकायत हुई है। बता दें कि भारत ने पाकिस्तान को दो टूक कह दिया है कि
आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते हैं।