पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पूरी तरह से घिर चुका है। पाक प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी दूसरी तरफ कश्मीर मुद्दे का हल बातचीत से निकालने की बात कर रहे हैं। जबकि अब्बासी ने यूएन जाने से पहले भारत के खिलाफ कम रेंज वाले परमाणु हथियार विकसित किये जाने की बात कही थी। पाकिस्तान ने ये परमाणु हथियार भारतीय सेना द्वारा अपनाई गई कोल्ड स्टार्ट सिद्धांत का मुकाबला करने के लिए यह परमाणु हथियार विकसित किये हैं।
एक ओर अब्बासी यूएन में कह रहे हैं कि 'पाकिस्तान भारत के साथ कश्मीर समेत हर मुद्दे पर बातचीत को तैयार है साथ ही वो आगे कहते हैं कि कश्मीर मुद्दे पर किसी विशेष दूत की नियुक्ति की जानी चाहिए, जो दोनों देशों के बीच शांति समझौते पर बात करे लेकिन दूसरी तरफ शाहिद खाकान ने यह भी कह रहे हैं कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कम रेंज वाले परमाणु हथियार विकसित किये हैं।
चूंकि पाकिस्तान को भारत ने यूएन में आतंकवाद सहित अफगानिस्तान में जारी हिंसा और अशांति पर भी घेरा है तब अब्बासी ने कहा कि 'पाकिस्तान को अफगानिस्तान की हिंसा पर ठहराया जाना गलत है, हमें इस मुद्दे पर बलि का बकरा नहीं बनाया जा सकता है। फिर उन्होंने कश्मीर में पैलेट गन के इस्तेमाल से भारत जेनेवा संधि का उल्लंघन करने की बात करते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग भी की है।
अगर भारत पाकिस्तान का युद्ध होता है तो कौन है कितने पानी में
'नाग' मिसाइल
न्यूक्लियर पावर हो या फिर सैन्य मोर्चा अगर भारत-पाक के बीच युद्ध होता है तो यह तय है कि भारत के सामने पाकिस्तान कहीं नहीं टिक पाएगा। पाकिस्तान ने परमाणु बम का जखीरा तैयार कर रखा हो लेकिन पाकिस्तान कभी भारत का सैनिक मोर्चे पर मुकाबला नहीं कर सकता है। ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स के ताजा आंकड़ो के मुताबिक सैन्य मामलों में पाकिस्तान से भारत 7 पायदान ऊपर है। दुनियाभर की आर्मी की ताकत पर किए गए सर्वे में कहा गया है कि आर्मी पावर में पाकिस्तान 13वें स्थान पर है जबकि भारत सैन्य शक्ति में पहले चार में शामिल है। आनेवाले समय में भारत की सैन्य शक्ति 2020 तक सबसे अधिक होगी।
भारत में सैन्य संख्या जिसमें जल, थल, और वायु तीनों ही शामिल हैं एक्टिव सैन्य की संख्या 14 लाख से अधिक है। वहीं पाकिस्तानी सेना महज 7 लाख है। वहीं भारत के मेन टैंक का आंकड़ा करीब 6, 464, जबकि पाकिस्तान का आंकड़ा भारत के टैंक से आधा है। पाकिस्तान का यह आंकड़ा 2924 ही है। भारत में फाइटर प्लेन 1905, जबकि पाकिस्तान यह आंकड़ा महज 914 पर ही थम जाता है।
वहीं नेवी और पानी के भीतर भी भारत की मजबूती पाकिस्तान से दुगुनी है। भारत पानी के भीतर लड़ने के लिए भी कमर कस चुका है इसीलिए भारत में पनडुब्बी 15 है। जबकि पाकिस्तान में पनडुब्बियों की संख्या महज 8 ही है। वहीं अगर सैन्य बजट की बात करें तो भारत का रक्षा बजट तकरीबन 51.3 बिलियन डॉलर है जबकि पाकिस्तान का रक्षा बजट महज 7.6 बिलियन डॉलर है।