सर्जिकल स्ट्राइक को छोड़ो, असली कहानी तो पानी है। पानी बंद हुआ तो बड़े-बड़ों को अक्ल आ जाएगी। पानी तो हमारा (हिंदुस्तान) है। सीधा सा फार्मूला है, पैसे दो और पानी लो। अपना पानी कश्मीर को दो और फिर कोई मुद्दा उठे तो देखो, कौन कश्मीरी किसके सिर पर पत्थर (बुरहान वानी को मारने के बाद) मारता है।
यह कटाक्ष और संदेश पाकिस्तानी मूल के कनाडाई लेखक डॉ. तारिक फतेह ने दिल्ली में आयोजित बलूचिस्तान पर आयोजित बलूच राष्ट्रीयता के सेमिनार में दिया। कंस्टीट्यूशन क्लब में शनिवार को बलूचिस्तान का सच कार्यक्रम में डॉ. तारिक ने कहा कि जिन्ना ने हिंदुस्तान का बाजू ही काट डाला था। पाकिस्तान का अपना कोई वजूद ही नहीं है।
डॉ. तारिक ने अपने भाषण में चाय वाला, मोदी और 15 अगस्त 2014 के लाल किले के प्राचीर का जिक्र करते हुए कहा कि इसी के बाद दुनिया ने बलूचिस्तान की परेशानी जानी। यूएन में कश्मीर नहीं, बलूचिस्तान का मुद्दा उठेगा।