पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सत्तापक्ष के ही 25 असंतुष्ट सांसदों को इस्लामाबाद के सिंध हाउस में रखा गया है। आशंका है कि ये सांसद खान के खिलाफ बगावत कर सकते हैं। इस बीच, इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के इन असंतुष्ट सांसदों से नाराज पार्टी के सदस्यों ने यहां सिंध हाउस पर धावा बोल दिया।
इमरान खान को डर है कि सिंध हाउस में रखे गए उनकी ही पार्टी के सांसद विपक्ष के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। इस कारण उनसे नाराज पीटीआई के समर्थकों ने असंतुष्टों के खिलाफ सिंध हाउस पहुंचकर नारेबाजी की और हंगामा मचाया। टीवी फुटेज में पीटीआई के दर्जनों कार्यकर्ताओं को सिंध हाउस में घुसते हुए और असंतुष्ट सांसदों के समूह के खिलाफ नारे लगाते हुए देखा गया है।
इन गुस्साए कार्यकर्ताओं ने सिंध हाउस का गेट तोड़ दिया और इमारत में घुसकर हंगामा काटा। इस हंगामे के बाद भीड़ में शामिल कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार भी किया गया है। बता दें, पीएमएल-एन और पीपीपी के करीब 100 सांसदों ने 8 मार्च को पेश अविश्वास प्रस्ताव खान को देश में बढ़ती महंगाई और अर्थ संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। प्रस्ताव पर 28 मार्च को मतदान होने की संभावना है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में 25 मार्च को मतदान की संभावना जताई गई है।
असंतुष्ट सांसदों को जारी किया नोटिस
सत्तारूढ़ पीटीआइ ने पार्टी के असंतुष्ट सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें तत्काल माफी मांगने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उन्हें बिना शर्त हफ्ते भर में पार्टी में लौटने का आदेश दिया गया है। इस बीच कार्यकर्ताओं का समर्थन कर रहे दो सांसदों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिन्हें सरकारी दखल के बाद छोड़ दिया गया। गृह मंत्री शेख रशीद ने घटना की निंदा की है। सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के सहयोग का आरोप लगाया है।
इमरान-बाजवा बैठक पर कयास जारी
पाक पीएम इमरान खान ने अपनी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बीच शुक्रवार को सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से मुलाकात की है। इसे देश के हालिया सियासी संदर्भ से जोड़कर देखा जा रहा है। बैठक का एजेंडा पाकिस्तान में इस्लामिक देशों के संगठन (ओआईसी) के शिखर सम्मेलन, बलोचिस्तान में अशांति और इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव बताया जा रहा है। पाकिस्तानी मीडिया चैनल कैपिटल टीवी ने कहा, इस बैठक का नतीजा देश के सियासी हालात के बीच अहम होगा। बैठक को इमरान खान द्वारा सेना की गुड बुक में वापसी की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, ताकि वे सरकार बचा सकें। उधर, डॉन अखबार ने भी इस बैठक को लेकर इमरान के सरकार बचाने की कोशिश के तौर पर देखा है।
सेना किसी के पक्ष में नहीं : शहबाज शरीफ
पाकिस्तानी संसद में विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने कहा है कि सेना न तो देश में मौजूदा सियासी संकट में किसी का पक्ष ले रही है और न ही प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का पक्ष ले रही है। शरीफ ने ‘समा टीवी’ के शो ‘नदीम मलिक लाइव’ में सेना से अपने रिश्तों, नए सेना प्रमुख की नियुक्ति, चुनावी सुधार और मौजूदा राजनीतिक हालात में सेना की भूमिका समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, विपक्षी दल उन्हें अंतरिम प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं, लेकिन अंतिम फैसला पीएमएल-एन प्रमुख नवाज शरीफ द्वारा किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे इमरान
सरकार बचाने के लिए इमरान सरकार पूरी ताकत लगा रहे हैं। पाकिस्तान सरकार ने अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। इमरान खान की पार्टी असंतुष्ट सांसदों को वोटिंग से पहले अयोग्य घोषित करने की मांग करेगी। पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने बताया कि सरकार ने अनुच्छेद 63-ए की व्याख्या के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का निश्चय किया है।