पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में एलएसी पर कायम तनातनी के बीच भारत पर दबाव बढ़ाने के लिए चीन का सामरिक साझेदार पाकिस्तान भी अपने मोर्चे खोल सकता है। एलएसी पर सड़क और अन्य निर्माण को लेकर भारत के आक्रामक रुख ने इस बार चीन को कई तरह की चुनौतियां दी है।
पूर्वी लद्दाख सीमा पर तनाव के बीच चीन ने मिट्टी ढोने वाले भारी ट्रकों से अपने सैनिकों को सीमा तक पहुंचाया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने उन ट्रकों का इस्तेमाल किया जो नागरिक हवाई क्षेत्र को सैन्य क्षेत्र में बदलने के लिए मिट्टी लाने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे। सेना ने हाल ही इस हवाई अड्डे को अपने कब्जे में लिया है।
चीन लंबे समय से वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के आसपास सड़क का निर्माण कर रहा है, ताकि जरूरत पर सेना तेजी से मोर्चे पर पहुंचाई जा सके। शुरुआती दौर में चीन ने पश्चिमी राजमार्ग का प्रयोग अपने सैनिकों को भेजने के लिए किया। जब भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हुए तो चीनी सैनिकों की संख्या ज्यादा थी। चीन सेना ने निर्माण कार्य में प्रयोग होने वाले भारी वाहनों से अपने सैनिकों को भेज दिया था। कुछ दशकों से चीन ने सीमावर्ती क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है।