किरपाल सिंह जासूसी के आरोप में बीते 25 साल से पाकिस्तान में कैद थे
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भारत ने लाहौर की जेल में किरपाल सिंह की मौत के प्रकरण को गंभीरता से लिया है। इसके लिए नई दिल्ली ने इस्लामाबाद में भारत के कार्यवाहक राजदूत जेपी सिंह को मामला शीर्ष स्तर पर उठाने के लिए कहा गया है। किरपाल सिंह जासूसी के आरोप में बीते 25 साल से पाकिस्तान में कैद थे। उनके शव को भी भारत लाने की पहल शुरू हो गई है। इस बीच, पाकिस्तान ने कहा है कि भारतीय कैदी की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि इसके बाबत उच्चायुक्त को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उच्चायुक्त से कहा गया है कि वे इस्लामाबाद में अधिकारियों के समक्ष इस मामले को उठाएं और पड़ोसी देश से किरपाल की मौत के अधिकारिक कारण की विस्तृत जानकारी लें।
जेपी सिंह ने पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के महानिदेशक (दक्षिण एशिया) से मिलकर उन्हें नई दिल्ली की चिंताओं से अवगत कराया है। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि किरपाल सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। भारत इस संदर्भ किरपाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहा है।
विकास स्वरूप के मुताबिक पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि किरपाल की मौत 11 अप्रैल को 14.55 मिनट पर दिल का दौरा पड़ने से हुई है। भारत इस संदर्भ में अभी और विवरण मिलने का इंतजार कर रहा है। उधर, परिजनों ने किरपाल की हत्या का आरोप लगाया है।