आप गोवा प्रमुख अमित पालेकर ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मांग की कि पणजी पुलिस मडकाइकर के बयान का संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करे। वहीं, गोवा सरकार में मंत्री मौविन गोडिन्हो ने कहा कि मडकाइकर को शिकायत दर्ज करानी चाहिए और उस मंत्री का नाम बताना चाहिए, जिसे उन्होंने पैसे दिए।
भाजपा नेता और गोवा के पूर्व मंत्री पांडुरंग मडकाइकर ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी फाइल पास कराने के लिए एक मंत्री के पीए को करीब 20 लाख रुपये की रिश्वत दी है। इस दावे के बाद राज्य के परिवहन मंत्री और भाजपा नेता मौविन गोडिन्हो ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि मडकाइकर को पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए और उस मंत्री का नाम बताना चाहिए, जिसके स्टाफ को उन्होंने पैसे दिए।
विज्ञापन
विपक्षी आम आदमी पार्टी (आप) ने भी मांग की कि पुलिस मडकाइकर के दावे को लेकर मामला दर्ज करे। मडकाइकर मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व वाली पिछली कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने मंगलवार शाम को गोवा में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष से मुलाकात की। मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों के बीच संतोष ने मंगलवार को मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत सहित राज्य भाजपा नेताओं के साथ बैठक की।
मडकाइकर ने क्या आरोप लगाए?
बाद में मडकाइकर ने आरोप लगाया कि सावंत के नेतृत्व वाली कैबिनेट के मंत्री पैसे गिनने में व्यस्त थे। उन्होंने दावा किया, 'मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं, क्योंकि मैंने खुद अपनी फाइल पास करवाने के लिए एक मंत्री के पीए को 15-20 लाख रुपये दिए थे।'
विज्ञापन
मडकाइकर को शिकायत दर्ज करानी चाहिए: मंत्री
इस दावे पर बोलते हुए मौविन गोडिन्हो ने कहा कि मडकाइकर को शिकायत दर्ज करानी चाहिए और उस मंत्री का नाम बताना चाहिए, जिसे उन्होंने पैसे दिए। मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग न हो, इसके लिए सावधान रहना चाहिए। गोडिन्हो ने कहा, 'मैं किसी भी बात पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। हर कोई उन्हें अच्छी तरह जानता है। उन्हें अपने गिरेबान में झांकना चाहिए कि उनके कार्यकाल के दौरान क्या हुआ।' उन्होंने कहा, 'मेरी उन्हें सलाह है कि जो लोग शीशे के घर में रहते हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए।'
आप गोवा प्रमुख ने साधा निशाना
इस बीच आप गोवा प्रमुख अमित पालेकर ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मांग की कि पणजी पुलिस मडकाइकर के बयान का संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज करे। पालेकर ने कहा कि पुलिस को पूर्व मंत्री से यह जानकारी मांगनी चाहिए कि उन्होंने मंत्री के पीए को कितनी रिश्वत दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए और पूर्व मंत्री को उनके बयान के बारे में जानकारी देने के लिए बुलाना चाहिए।