फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pahalgam Terror Attack: 'जिपलाइन से कूदा, परिवार को लेकर भागा', आतंकी हमले के चश्मदीद ने ऐसे बचाई अपनी जान

Mon, 28 Apr 2025 10:45 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के दौरान बायसरन में घास मैदान पर जिपलाइन कर रहे ऋषि नाम के शख्स का वीडियो सामने आया है। उनके वीडियो में आतंकी हमले का मंजर साफ नजर आ रहा है। वहीं अमर उजाला से एक्सक्लूसिव बातचीत में ऋषि ने आतंकी हमले के दौरान का भयावह मंजर बताया है। पढ़ें...
विज्ञापन
पहलगाम आतंकी हमले के चश्मदीद - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल भी हुए हैं। जब वहां आतंकी हमला हुआ उस वक्त कई लोग वहां खूबसूरत वादियों के साथ-साथ अन्य तरह के रोमांचक अनुभव ले रहे थे। जिसमें वहां जिपलाइन कर रहे ऋषि भट्ट भी शामिल थे, जिन्होंने जिपलाइनिंग के दौरान वीडियो भी बनाया था। जो आतंकी हमले के छह दिन बाद सामने आया है, जिसमें आतंकी हमले का मंजर साफ दिख रहा है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Pahalgam Terror Attack: पहलगाम हलमे को लेकर कांग्रेस की हिदायत- पार्टी लाइन से हटकर बयान न दें पार्टी के नेता

आतंकी हमले के चश्मदीद ऋषि भट्ट के वीडियो में लोगों को भागते और जमीन पर गिरते हुए देखा जा सकता है। वहीं अमर उजाला से एक्सक्लूसिव बातचीत में ऋषि भट्ट ने बताया कि जब वो जिपलाइनिंग कर रहे थे। जब उन्हें इस तरह की किसी भी घटना की उम्मीद नहीं थी। वे अन्य लोगों की तरह भी जिपलाइन का आनंद ले रहे थे।
विज्ञापन

 
  • सवाल- कितने बजे आतंकी हमला हुआ?
  • जवाब- ऋषि ने बताया कि आतंकी हमला दोपहर के दो बजे से ढाई बजे के बीच में हुआ। हम सभी वहां घूमने गए थे और मैं जिपलाइन कर रहा था। मुझसे पहले मेरी बीवी और बच्चे ने भी जिपलाइन की थी।

 

  • सवाल- आपको कब पता चला कि ये आतंकी हमला है?
  • जवाब- जिपलाइन शुरू होने के बाद करीब 20 सेकेंड बाद मुझे पता चला कि ये आतंकी हमला है। इस दौरान नीचे खड़ी मेरी बीवी और बच्चे चिल्ला रहे थे। जिसके बाद मैंने बीच में जिपलाइन को रोका और लैंडिंग से पहले कूद गया। जिसके बाद अपने बीवी-बच्चे के साथ जैसे-तैसे कुछ देर तक छिपा रहा।

 

  • सवाल- कई प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि आतंकियों ने आर्मी के जैसे कपड़े पहन रखे थे?
  • जवाब- नहीं, आतंकियों ने आर्मी के जैसे कपड़े नहीं पहने थे। आतंकी सिक्योरिटी गार्ड के कपड़े में थे। जब मैं भाग रहा था तो देखा वहां पर मृत पड़े सिक्योरिटी गार्ड के शरीर पर कपड़े नहीं थे। दो गार्डों के कपड़े गायब थे। हम काफी घबराए हुए थे, मेरी बीवी के सामने ही दो लोगों से उनका नाम पूछने के बाद उन्हें गोली मारी गई थी।

यह भी पढ़ें - Pahalgam Attack: 'हम हाई अलर्ट पर, तय है कि भारत सैन्य हमला करेगा', पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का खौफ सामने आया
विज्ञापन

 
  • सवाल- आतंकी हमले के कितनी देर बाद सेना वहां पहुंची?
  • जवाब-  इस हमले के 20 मिनट के बाद सेना वहां पहुंची, हम लोग छिप-छिपकर निकल रहे थे। फिर सेना के जवानों ने हमारी वहां से बाहर निकलने में मदद की। 
 
  • सवाल- क्या आपको वहां मौजूद किसी शख्स पर संदेह? और जिपलाइनर के अल्लाहु अकबर कहने पर क्या कहेंगे।
  • जवाब- मुझसे पहले 8-10 लोगों ने जिपलाइन किया था, लेकिन किसी के वक्त जिपलाइनर ने अल्लाहु अकबर के नारे नहीं लगाए, यहां तक कि मेरे बीवी-बच्चे के जिपलाइन पर जाने के दौरान भी वो सामान्य था। लेकिन मेरी बारी के दौरान उसने अल्लाहु अकबर के नारे लगाए थे। उसका अल्लाहु अकबर का नारा लगाना और आतंकवादियों की तरफ गोलीबारी करना दोनों एक ही समय पर हुआ है। मेरी किस्मत अच्छी थी, मुझसे पहले दो लड़कों ने जल्दी जिपलाइन करने की बात कही और मैं रुक गया, शायद इसी वजह से मैं बच गया।
 


पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को बनाया निशाना
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पर्यटकों को निशाना बनाया गया था, जिसमें एक नेपाली नागरिक समेत 26 लोग मारे गए थे। इसके बाद, भारत ने सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें