- सवाल- कितने बजे आतंकी हमला हुआ?
- जवाब- ऋषि ने बताया कि आतंकी हमला दोपहर के दो बजे से ढाई बजे के बीच में हुआ। हम सभी वहां घूमने गए थे और मैं जिपलाइन कर रहा था। मुझसे पहले मेरी बीवी और बच्चे ने भी जिपलाइन की थी।
- सवाल- आपको कब पता चला कि ये आतंकी हमला है?
- जवाब- जिपलाइन शुरू होने के बाद करीब 20 सेकेंड बाद मुझे पता चला कि ये आतंकी हमला है। इस दौरान नीचे खड़ी मेरी बीवी और बच्चे चिल्ला रहे थे। जिसके बाद मैंने बीच में जिपलाइन को रोका और लैंडिंग से पहले कूद गया। जिसके बाद अपने बीवी-बच्चे के साथ जैसे-तैसे कुछ देर तक छिपा रहा।
- सवाल- कई प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि आतंकियों ने आर्मी के जैसे कपड़े पहन रखे थे?
- जवाब- नहीं, आतंकियों ने आर्मी के जैसे कपड़े नहीं पहने थे। आतंकी सिक्योरिटी गार्ड के कपड़े में थे। जब मैं भाग रहा था तो देखा वहां पर मृत पड़े सिक्योरिटी गार्ड के शरीर पर कपड़े नहीं थे। दो गार्डों के कपड़े गायब थे। हम काफी घबराए हुए थे, मेरी बीवी के सामने ही दो लोगों से उनका नाम पूछने के बाद उन्हें गोली मारी गई थी।
- सवाल- आतंकी हमले के कितनी देर बाद सेना वहां पहुंची?
- जवाब- इस हमले के 20 मिनट के बाद सेना वहां पहुंची, हम लोग छिप-छिपकर निकल रहे थे। फिर सेना के जवानों ने हमारी वहां से बाहर निकलने में मदद की।
- सवाल- क्या आपको वहां मौजूद किसी शख्स पर संदेह? और जिपलाइनर के अल्लाहु अकबर कहने पर क्या कहेंगे।
- जवाब- मुझसे पहले 8-10 लोगों ने जिपलाइन किया था, लेकिन किसी के वक्त जिपलाइनर ने अल्लाहु अकबर के नारे नहीं लगाए, यहां तक कि मेरे बीवी-बच्चे के जिपलाइन पर जाने के दौरान भी वो सामान्य था। लेकिन मेरी बारी के दौरान उसने अल्लाहु अकबर के नारे लगाए थे। उसका अल्लाहु अकबर का नारा लगाना और आतंकवादियों की तरफ गोलीबारी करना दोनों एक ही समय पर हुआ है। मेरी किस्मत अच्छी थी, मुझसे पहले दो लड़कों ने जल्दी जिपलाइन करने की बात कही और मैं रुक गया, शायद इसी वजह से मैं बच गया।
पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को बनाया निशाना
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पर्यटकों को निशाना बनाया गया था, जिसमें एक नेपाली नागरिक समेत 26 लोग मारे गए थे। इसके बाद, भारत ने सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं।