रिटायर्ड जनरल शंकर रॉय चौधरी ने कहा कि 'इतनी संख्या में आतंकवादी सीमापार कैसे आ गए, इसकी जांच होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर सिर्फ कूटनीतिक दबाव बनाना ही काफी नहीं है बल्कि सैन्य कार्रवाई भी होनी चाहिए।
थल सेना के पूर्व प्रमुख रिटायर्ड जनरल शंकर रॉय चौधरी का कहना है कि पहलगाम आतंकी हमला एक खुफिया विफलता है और उन्होंने शीर्ष स्तर पर इसकी जवाबदेही तय करने की मांग की। भारतीय सेना के 18वें जनरल रहे शंकर रॉय चौधरी ने कहा कि मुझे शक है कि यह खुफिया विफलता है। किसी को तो इस लापरवाही का जवाब देना चाहिए। इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
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'पहलगाम हमला खुफिया विफलता, इसकी जांच होनी चाहिए'
पूर्व आर्मी चीफ ने कहा कि पहलगाम हमले में पाकिस्तान और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका है, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों की आतंकियों ने हत्या कर दी। इस हमले के पीछे आतंकवादी संगठन लश्कर ए तैयबा के प्रोक्सी संगठन द रेजिस्टेंट फ्रंट (टीआरएफ) का हाथ होने का दावा किया जा रहा है। रिटायर्ड जनरल शंकर रॉय चौधरी ने कहा कि 'इतनी संख्या में आतंकवादी सीमापार कैसे आ गए, इसकी जांच होनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर सिर्फ कूटनीतिक दबाव बनाना ही काफी नहीं है बल्कि सैन्य कार्रवाई भी होनी चाहिए।
'हमें सख्त संदेश देने की जरूरत'
पूर्व सेना प्रमुख शंकर रॉय चौधरी ने कहा कि 'हमें सख्त जवाब देने की जरूरत है। मुझे तो ऐसा ही लगता है। हालांकि हमें अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का भी ध्यान रखना चाहिए। अब बस बहुत हुआ।' आतंकियों को स्थानीय मदद मिलने की आशंका पर उन्होंने कहा कि 'मैं दावे से नहीं कह रहा हूं, लेकिन हमें अपने आंख और कान खुले रखने चाहिए। पाकिस्तान और आईएसआई हमेशा सक्रिय रहते हैं। हमारे पास भी अपनी खुफिया एजेंसी है। हमें भी उसका प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए।' पाकिस्तान आर्मी चीफ के टू नेशन थ्योरी को लेकर दिए गए बयान पर शंकर रॉय चौधरी ने कहा कि 'पाकिस्तान में यही एक चीज है, जो काम करती है, लेकिन आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।'