पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों के ऊपर हुए आतंकी हमले के कारण भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। इस तनाव को देखते हुए भारत के व्यापारियों ने पाकिस्तान के साथ कोई व्यापार न करने का कड़ा निर्णय लिया है। इससे पाकिस्तान को कई बेहद आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई नहीं हो सकेगी। इससे पाकिस्तान में दवाइयां, रसायनों, फल-सब्जियों समेत कई आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित होगी।
इस निर्णय के कारण भारत पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि नमक और आभूषण से लेकर निर्माण क्षेत्र और जूट की अनेक वस्तुएं पाकिस्तान से आयात की जाती हैं, लेकिन इसके बाद भी व्यापारियों ने एक तरफा निर्णय लेते हुए पाकिस्तान से व्यापार बंद करने का निर्णय ले लिया है।
इसके पहले वर्ष 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक संबंधी में तल्खी आ गई थी। जिसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापार में भारी गिरावट आई थी।
अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक के समय में भारत ने पाकिस्तान को लगभग 50 करोड़ डॉलर मूल्य के उत्पादों का निर्यात किया था, जिनमें मुख्य रूप से दवाइयाँ, रसायन, चीनी और ऑटो पार्ट्स शामिल थे। इसी समयावधि में पाकिस्तान से भारत का आयात मात्र 0.42 मिलियन डॉलर रहा और अब इस व्यापार को भी समाप्त करने का निर्णय व्यापारियों ने लिया गया है। वर्ष 2018 में भारत- पाकिस्तान के बीच लगभग तीन बिलियन डॉलर का वार्षिक व्यापार हुआ था जो वर्ष 2024 में 1.2 बिलियन डॉलर रह गया था।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की दो दिवसीय राष्ट्रीय गवर्निंग काउंसिल की बैठक (25-26 अप्रैल) भुवनेश्वर में हुई जिसमें देशभर के 26 राज्यों के 200 से अधिक व्यापारिक नेताओं ने भाग लिया। बैठक में पाकिस्तान से किसी भी तरह का व्यापार बंद करने का फैसला लिया गया।