संत वेलेंटाइन के प्यार सप्ताह में एक ऐसे शख्स से मिलवाते हैं जो सिर्फ प्यार बांटता है। जिगर मुरादाबादी के शेर -उनका जो काम है वो अहले सियासत जाने, मेरा पैगाम मोहब्बत है जहां तक पहुंचे को उसने जिंदगी का फलसफा बना लिया है। मायानगरी मुंबई में प्यार बांटकर इस शख्स ने बालीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन, पैडमैन अक्षय कुमार, अरशद वारसी, तमाम निर्माता-निर्देशकों के साथ कारोबार जगत की बड़ी हस्तियों को अपना दीवाना बना लिया है। यह शख्स हैं मुरादाबाद के कृष्णदास।
कभी भीड़ भरी मुंबई में आपका जाना हो तो वहां के सबसे व्यस्त चौक जूहू सर्किल जरूर जाएं। यहां सफेद धोती-कुर्ता, चंदन का टीका लगाए और हाथ में तख्ती पकड़े एक शख्स मिलेगा। तख्ती पर लिखा है - अपने धर्म पर चलो, सबसे प्रेम करो। मायानगरी को अपने इस संदेश से दीवाना बनाने वाले कृष्णदास या कृष्ण अवतार आपके शहर मुरादाबाद के हैं। नवाबपुरा मणिनाथ क्षेत्र के निवासी इस बात के लिए फख्र कर सकते हैं कि उनके बीच जन्मे-पले-बढ़े एक शख्स ने मायानगरी को अपना दीवाना बना लिया है।
कृष्णदास की शुरुआती शिक्षा भुर्जी वाले फाटक के सामने स्थित प्राथमिक विद्यालय नवाबपुरा से मुकम्मल हुई। कक्षा पांच में उनके सहपाठी रहे बाबा संजीव आकांक्षी बताते हैं कि घर वालों ने कृष्णदास का दाखिला सैनिक स्कूल नैनीताल में कराया लेकिन पढ़ाई में दिल नहीं लगा। स्कूल छोड़कर वह हरिद्वार के एक आश्रम में रहने लगे। उसके बाद मुरादाबाद, फिर यहां से ग्वालियर। अब पिछले बीस साल से मुंबई में हैं। कुछ साल पहले वह मुरादाबाद में आए तो मुलाकात हुई।