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वेलेंटाइन स्पेशल : मिलिए मुरादाबाद के ‘लवमैन’ से जिसका दीवाना पैडमैन भी

Sat, 10 Feb 2018 02:52 AM IST
अभिनव चौहान, मुरादाबाद। 
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कृष्ण्ादास - फोटो : net image
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संत वेलेंटाइन के प्यार सप्ताह में एक ऐसे शख्स से मिलवाते हैं जो सिर्फ प्यार बांटता है। जिगर मुरादाबादी के शेर -उनका जो काम है वो अहले सियासत जाने, मेरा पैगाम मोहब्बत है जहां तक पहुंचे को उसने जिंदगी का फलसफा बना लिया है। मायानगरी मुंबई में प्यार बांटकर इस शख्स ने बालीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन, पैडमैन अक्षय कुमार, अरशद वारसी, तमाम निर्माता-निर्देशकों के साथ कारोबार जगत की बड़ी हस्तियों को अपना दीवाना बना लिया है। यह शख्स हैं मुरादाबाद के कृष्णदास। 
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कभी भीड़ भरी मुंबई में आपका जाना हो तो वहां के सबसे व्यस्त चौक जूहू सर्किल जरूर जाएं। यहां सफेद धोती-कुर्ता, चंदन का टीका लगाए और हाथ में तख्ती पकड़े एक शख्स मिलेगा। तख्ती पर लिखा है - अपने धर्म पर चलो, सबसे प्रेम करो। मायानगरी को अपने इस संदेश से दीवाना बनाने वाले कृष्णदास या कृष्ण अवतार आपके शहर मुरादाबाद के हैं। नवाबपुरा मणिनाथ क्षेत्र के निवासी इस बात के लिए फख्र  कर सकते हैं कि उनके बीच जन्मे-पले-बढ़े एक शख्स ने मायानगरी को अपना दीवाना बना लिया है। 

कृष्णदास की शुरुआती शिक्षा भुर्जी वाले फाटक के सामने स्थित प्राथमिक विद्यालय नवाबपुरा से मुकम्मल हुई। कक्षा पांच में उनके सहपाठी रहे बाबा संजीव आकांक्षी बताते हैं कि घर वालों ने कृष्णदास का दाखिला सैनिक स्कूल नैनीताल में कराया लेकिन पढ़ाई में दिल नहीं लगा। स्कूल छोड़कर वह हरिद्वार के एक आश्रम में रहने लगे। उसके बाद मुरादाबाद, फिर यहां से ग्वालियर। अब पिछले बीस साल से मुंबई में हैं। कुछ साल पहले वह मुरादाबाद में आए तो मुलाकात हुई। 
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कृष्ण्ादास - फोटो : net image
मुरादाबाद मूल के मुंबई निवासी सिनेमैटोग्राफर ऋषिदेव शर्मा बताते हैं कि जुहू सर्किल से निकले वक्त ये आदमी आपको संदेश लिखी तख्ती पकड़े दिखाई देगा। आपनाके से गुजरेंगे तो हंस कर नमस्ते करेगा, हाय करेगा। बच्चों को मुफ्त में बिस्किट खिलाएगा। वहां के लोग उसकी सादगी और संदेश देने के तरीके पर फिदा हैं। सेलिब्रिटी उसके साथ फोटो खिंचाते हैं। लोग सहयोग करते हैं। कई कार्यक्रमों के उसको प्यार के संदेश के लिए बुलाया जाता है। लेकिन उसका रहन-सहन बेहद सादा है। मलाड ईस्ट के एक छोटे से टपरे में ही रहता है। जबकि तमाम बड़ी हस्तियां उसके काम को सराह रही हैं। वो व्यावसायिकता के दौर में अपने संदेश को खोना नहीं चाहता। 

कृष्ण दास पर ऊपर हाल ही में एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म - दिस सर्किल इस माइन, बनी है। काइंडनेस ब्लॉग में उनके ऊपर काफी कुछ लिखा जा चुका है। यू-ट्यूब पर आई उनकी फिल्म पर अब तक 81 हजार व्यूज़ आ चुके  हैं। अभी तक आप अगर इससे अपरिचित थे तो प्यार के इस सप्ताह में इस शख्स से परिचित हो जाएं और मुंबई जाने पर मिलकर भी आएं। गर्व होगा कि जिगर के शहर का एक आदमी मायानगरी के जिगर में जगह बना चुका है। 
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