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Pandit Jasraj Death: पंडित जसराज का पार्थिव शरीर अमेरिका के न्यूजर्सी से विशेष विमान से लाया जाएगा मुंबई

Tue, 18 Aug 2020 01:51 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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पंडित जसराज (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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शास्त्रीय संगीत के प्रसिद्ध गायक पंडित जसराज का पार्थिव शरीर विशेष विमान से अमेरिका से मुंबई लाया जाएगा। विमान मंगलवार दोपहर को अमेरिका के न्यूजर्सी से रवाना होगा, जो बुधवार दोपहर तक मुंबई पहुंचेगा। अंतिम संस्कार बुधवार शाम या गुरुवार को होने की संभावना है।

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पंडित जसराज की पत्नी मधुरा पंडित जसराज, बेटे शारंगदेव, बेटी दुर्गा जसराज सहित पूरा परिवार मुंबई में है। अमेरिका में रहने वाली पंडित जसराज की शिष्य मंडली भी विशेष विमान से ही मुंबई पहुंचेगी। इन शिष्यों में पद्मश्री तृप्ति मुखर्जी, सुमन घोष शामिल हैं।


बता दें कि अमेरिका के न्यू जर्सी में सोमवार को उनका निधन हो गया। वह 90 वर्ष के थे। उनका जन्म 28 जनवरी 1930 को हुआ था। कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन के बाद से पंडित जसराज न्यूजर्सी में ही रह रहे थे। उन्होंने सोमवार सुबह आखिरी सांस ली। इसकी जानकारी पंडित जसराज के परिवार ने दी।
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इस साल जनवरी में अपना 90वां जन्मदिन मनाने वाले पंडित जसराज ने अपनी आखिरी प्रस्तुति नौ अप्रैल को हनुमान जयंती पर फेसबुक लाइव के जरिए वाराणसी के संकटमोचन हनुमान मंदिर के लिए दी थी।

खयाल गायकी के शीर्षस्थ गायक चले गए
मेवाती घराने के पंडित जसराज खयाल गायकी के शीर्षस्थ गायक थे। उनकी बंदिशें अत्यधिक लोकप्रिय हैं। अमेरिका के न्यू जर्सी में भी उनका घर है। वहां उनका संगीत का विद्यालय भी चलता है। 

जसराज भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायकों में से एक थे। जसराज का संबंध मेवाती घराने से रहा। जसराज जब चार वर्ष उम्र में थे तभी उनके पिता पंडित मोतीराम का देहांत हो गया था और उनका पालन-पोषण बड़े भाई पंडित मणिराम के संरक्षण में हुआ। 

जसराज ने संगीत दुनिया में 80 वर्ष से अधिक वक्त बिताए और कई प्रमुख पुरस्कार प्राप्त किए। शास्त्रीय और अर्ध-शास्त्रीय स्वरों के उनके प्रदर्शनों को एल्बम और फिल्म साउंडट्रैक के रूप में भी बनाया गया है। जसराज ने भारत, कनाडा और अमेरिका में संगीत सिखाया। उनके कुछ शिष्य नामी संगीतकार भी बने हैं।

अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) ने 11 नवंबर, 2006 को खोजे गए हीन ग्रह 2006 VP32 (संख्या -300128) को पंडित जसराज के सम्मान में 'पंडितजसराज' नाम दिया था।पंडित जसराज के निधन के समाचार के बाद संगीत प्रेमियों में शोक की लहर है। अपने जीवनकाल में उन्होंने मेवाती घराने के 76 सुशिष्य तैयार किए। इनका जिक्र लेखक सुनील बुद्धिराजा की हाल ही में प्रकाशित पुस्तक रसराज-जसराज में मिलता है। उनकी पुत्री दुर्गा जसराज ने भी संगीत के साथ-साथ टीवी के माध्यम से लोकप्रियता हासिल की। 

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