Imtiaz Qureshi: पाकशाला में दम पुख्त की लखनवी परंपरा को जिंदा करने वाले मशहूर शेफ इम्तियाज कुरैशी का निधन हो गया। पद्मश्री से सम्मानित शेफ इम्तियाज ने 93 साल की आयु में मुंबई के लीलावती अस्पताल में ली अंतिम सांस।
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पद्मश्री से सम्मानित सेलिब्रिटी शेफ इम्तियाज कुरैशी के निधन से शोक की लहर (फाइल)
- फोटो : ANI
होटल इंडस्ट्री और खान-पान के शौकीन लोगों के बीच इम्तियाज कुरैशी का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं। 93 साल की आयु में शेफ इम्तियाज कुरैशी का निधन हो गया। शुक्रवार को मुंबई के लीलावती अस्पताल में अंतिम सांस लेने वाले वयोवृद्ध शेफ इम्तियाज कुरैशी के निधन की पुष्टि उनके बेटे ने की। उनके निधन से शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, दिवंगत केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, वर्तमान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी सरीखे दिग्गज शेफ इम्तियाज के हाथों से बने लजीज खानों का लुत्फ उठा चुके हैं। इनके हाथों का जायका कैसा है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि युवा शेफ रणवीर ब्रार जैसे सेलिब्रिटी भी इनकी विरासत को याद करते हैं।
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50 साल से भी लंबा करियर रहा, नेहरू-इंदिरा को भी खिलाने का संयोग
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अरुण जेटली और धर्मेंद्र प्रधान सरीखे दिग्गजों की थाली तक भी पहुंचा शेफ इम्तियाज का जायका
- फोटो : social media
इम्तियाज के बेटे इश्तियाक कुरैशी ने बताया कि उम्र संबंधी बीमारियों के कारण उन्हें लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पिछले 14 दिनों से अस्पताल में भर्ती शेफ इम्तियाज को मधुमेह समेत कुछ और स्वास्थ्य समस्याएं भी थीं। बेटे इश्तियाक के मुताबिक निधन से पहले शेफ इम्तियाज ने गुरुवार रात लीलावती अस्पताल में ही परिवार के सदस्यों के बीच कुछ वक्त गुजारा। उन्होंने वीडियो कॉल पर पोते-पोतियों से भी बात की। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और ऑक्सीजन लेवल गिरने के बाद डॉक्टरों की टीम उन्हें बचाने में सफल नहीं हो सकी। शुक्रवार दोपहर उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। कुरैशी अपने भरे-पूरे परिवार में पांच बेटे और दो बेटियों को छोड़ गए हैं।
नेहरू-इंदिरा और अरुण जेटली की थाली तक पहुंचा जायका
लगभग पांच दशक से अधिक लंबे करियर के दौरान शेफ इम्तियाज कितने मकबूल रहे, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी जैसी हस्तियों को भी अपने हाथों से तैयार खाना परोसा। खाने के शौकीन रहे दिवंगत केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली भी इनके जायके के मुरीद रहे।
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जब वर्ल्ड फूड इंडिया 2017 में पहुंचे पहले पद्मश्री शेफ इम्तियाज कुरैशी
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दिल्ली में नवंबर, 2017 में खिचड़ी बनाने के दौरान शेफ इम्तियाज
- फोटो : ANI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर, 2017 में वर्ल्ड फूड इंडिया 2017 कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसमें 1100 किलो खिचड़ी पकाई गई थी। देशभर के 50 शेफ इसमें शामिल हुए थे। इस महाआयोजन में शेफ संजीव कपूर, रणवीर ब्रार के अलावा पद्मश्री इम्तियाज कुरैशी भी शामिल रहे। फरवरी, 1931 में लखनऊ में जन्मे कुरैशी को खाना पकाने की दम पुख्त शैली की पुरानी-लखनवी परंपरा को दोबारा जिंदा और लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया जाता है। पाक कला में उनके योगदान के लिए उन्हें देश का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाजा गया। पद्मश्री से नवाजे जाने के मामले में शेफ इम्तियाज शेफ समुदाय की पहली हस्ती हैं।
'दम पुख्त' तकनीक को लखनऊ से बाहर लोकप्रिय बनाया, पीएम मोदी से यादगार मुलाकात
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एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शेफ इम्तियाज कुरैशी
- फोटो : social media
शेफ कुणाल कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर लिखे पोस्ट में शेफ इम्तियाज को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पाक कला में शेफ कुरैशी की विरासत और योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। आने वाली पीढ़ी इसे संजो कर रखेगी। कुणाल ने उनकी आत्मा को शांति मिलने की कामना करते हुए कहा कि उनकी यादें हम सभी को प्रेरित करती रहेंगी। शेफ रणवीर ने उनके साथ मुलाकात को 'जीवन बदलने वाला' अनुभव करार दिया। उन्होंने कहा कि शेफ इम्तियाज ने न केवल 'दम पुख्त' तकनीक को लखनऊ से बाहर लोकप्रिय बनाया बल्कि अपनी कला से इसे और भी निखार कर सामने लाए।
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'अवधी व्यंजनों का आधुनिक जनक'; दम पुख्त बिरयानी का आविष्कार
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एक कार्यक्रम के दौरान शेफ इम्तियाज कुरैशी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी
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गायक अदनान सामी ने शेफ इम्तियाज कुरैशी के निधन पर परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने उन्हें 'अवधी व्यंजनों का आधुनिक जनक' करार दिया। आईटीसी ग्रुप के होटल में अपनी सर्विस के दौरान उन्होंने अवध के व्यंजनों को लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया जाता है। भारतीय रेस्त्रां का भोजन बदलने और दम पुख्त बिरयानी का आविष्कार करने का गौरव भी शेफ इम्तियाज के नाम से जुड़ता है। अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी सरीखे दिग्गज भी शेफ इम्तियाज के जायके का आनंद ले चुके हैं।
युवा दिनों की एक दुर्लभ तस्वीर और दाहिने वयोवृद्ध शेफ इम्तियाज कुरैशी
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पाक कला में महारत रखने वाले शेफ इम्तियाज को जानने वाले बताते हैं कि 93 साल की आयु में भी वह जीवन के प्रति काफी सकारात्मक एप्रोच रखते थे। पाकिस्तान के गायक अदनान सामी बताते हैं कि उनके तमाम व्यंजनों के बीच बिरयानी बेहद लोकप्रिय थी। लगभग 25 साल पुराना अनुभव याद कर शेफ रणवीर बताते हैं कि ट्रेनिंग के दिनों में उन्होंने 612 रुपये कमाने के बाद दम पुख्त में गलौटी कबाब खाया था। इस अनुभव के बाद उनका जीवन बदल गया। लखनऊ में रहने के कारण यह जुड़ाव और भी खास है।