पी. चिदंबरम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने रविवार को कहा कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में भाजपा को हराने और देश को आतंक के दौर से मुक्त करने के लिए विपक्षी दलों का मजबूत गठजोड़ बन सकता है।
हालांकि उन्होंने इस गठजोड़ के नेता या प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे गए सवाल का कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पहले हमें गठजोड़ बनाने दें और चुनाव हो जाने दें। पटकथा लिखने से पहले ही जवाब कैसे दिया जा सकता है।
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि सबसे अहम बात यह है कि तमाम राजनीतिक दलों में एक बात पर सहमति है और वह यह कि भाजपा को पराजित किया जाना चाहिए। पहली बार देश में आबादी के बड़े हिस्से में डर की भावना देखने को मिल रही है। हम लोकतांत्रिक अधिकारों से दूर जा रहे हैं जो देश के लिए एक खतरनाक प्रवृत्ति है।
क्या कांग्रेस कर्नाटक माडल को दूसरे राज्यों में भी अपनाएगी? इस सवाल पर उनका कहना था कि अभी इस बारे में कहना जल्दबाजी होगी। लोकसभा के चुनाव सबसे प्रमुख चुनौती हैं। आठ महीने पहले ही इस बारे में बताना मुश्किल है कि चुनावों के बाद क्या होगा। उन्होंने कहा कि हर राज्य के संदर्भ के आधार पर राज्यवार गठजोड़ बनेगा। बता दें कि कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस ने भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी जनता दल (एस) को सौंप दी थी।
चुनावों तक करें इंतजार
तेलंगाना राष्ट्र समिति और तृणमूल कांग्रेस जैसी कुछ पार्टियां कांग्रेस को गठजोड़ का नेतृत्व सौंपने पर सहमत नहीं हैं? इस सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनावों तक इंतजार करना चाहिए। एकाध पार्टियां यदि इससे अलग भी रहती हैं तो वे चुनाव बाद गठजोड़ में शामिल हो सकती हैं।