प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के फैसले से राजनीति में आए बदलाव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राजनीति में बुनियादी सुधार के लिए एक देश एक चुनाव को जरूरी बताया। आकाशवाणी पर रविवार को ‘मन की बात’ में उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में सुधार और विकारों को दूर करना पूर्व पीएम वाजपेयी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस दौरान पीएम ने महिलाओं के खिलाफ अत्याचार को सभ्य समाज के लिए शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि मासूमों से दुष्कर्म मामले में फांसी की सजा का प्रावधान किया गया है। तीन तलाक के मुद्दे पर भी मुस्लिम महिलाओं को सरकार न्याय दिलाएगी।
कार्यक्रम के 47वें संस्करण में पीएम ने कहा कि अटल जी ने दलबदल विरोधी कानून के तहत तय सीमा को एक तिहाई से बढ़ा कर दो तिहाई कर दिया। दलबदल पर अयोग्य ठहराने का प्रावधान भी जोड़ा। मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या अधिकतम 15 फीसदी की। लंदन की सुविधा के लिए शाम 5 बजे पेश होने वाले आम बजट को 11 बजे पेश करने की परंपरा डाली।
पीएम ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बुनियादी सुधार की जरूरत है। एक देश एक चुनाव पर देशव्यापी चर्चा हो रही है। अगर हम इस पर सहमत हुए तो यह अटल जी को श्रद्धांजलि होगी।
मानसून सत्र की चर्चा
पीएम ने मानसून सत्र की चर्चा करते हुए कहा कि सत्र में ओबीसी आयोग को सांविधानिक दर्जा देने संबंधी बिल पारित हुआ। एससी-एसटी एक्ट को फिर से मूल स्वरूप में लागू करने का मार्ग प्रशस्त हुआ। मासूमों से दुष्कर्म पर फांसी की सजा वाला बिल पारित हुआ। उच्च सदन ने 14 और लोकसभा ने 21 बिल पारित किए।
रक्षाबंधन-जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
रक्षाबंधन और जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भाई-बहन के प्यार और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन सामाजिक सौहार्द का प्रतीक रहा है। उन्होंने संस्कृत दिवस की भी बधाई देते हुए कहा कि संस्कृत ऐसी भाषा है जिससे तमाम दूसरे शब्दों की रचना संभव है।
केरल के साथ पूरा देश
केरल में आई भीषण बाढ़ का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि इस सूबे के साथ पूरा देश खड़ा है। बाढ़ ने राज्य के लोगों के जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। मुझे विश्वास है कि राज्य के लोगों के जज्बे और अदम्य साहस के दम पर यह सूबा फिर से खड़ा हो जाएगा।