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पीएम के बयान पर चिदंबरम का पलटवार: 'नेहरू ने गोवा में सही समय पर दखल दिया था, इतिहास से छेड़छाड़ की हो रही कोशिश'

Fri, 11 Feb 2022 08:55 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों संसद में कहा था कि अगर सरदार पटेल की तरह कोई रणनीति बनाने वाला नेता होता, तो गोवा की आजादी में इतना लंबा समय नहीं लगता। लेकिन कुछ नेताओं को अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि की चिंता थी, इसलिए उन्होंने गोवा में फौज भेजने से साफ इनकार कर दिया था। 
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पी चिदंबरम - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कहना कि गोवा की आजादी में पंडित जवाहरलाल नेहरू की वजह से देरी हुई थी, यह इतिहास से छेड़छाड़ करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने गोवा में सही समय पर दखल दिया था। 

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समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार चिदंबरम ने इस बात पर भी जोर दिया कि गोवा में आगामी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाला एक भी विधायक इस बार भाजपा के खेमे में नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, 'हमारा घर पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि चोर अभी भी बाहर है, लोग उसे सबक सिखाएंगे।'

मोदी और शाह को नहीं पता है देश-दुनिया का इतिहास
चिदंबरम ने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद की दुनिया का इतिहास नहीं जानते हैं। उन्हें आजादी के बाद भारत के इतिहास के बारे में पता नहीं है। उन्हें नहीं मालूम है कि जवाहरलाल नेहरू ने कितनी बेहतर तरीके से भारत की कमान संभाली जिससे हमारा देश शांति का एक 'चैंपियन' बन सका।

गोवा की आजादी में नेहरू ने सही समय पर दखल दिया
उन्होंने कहा कि गोवा की स्वतंत्रता में पंडित नेहरू ने सही समय पर दखल दिया था और इसी वजह से सैन्य कार्रवाई के खिलाफ एक भी आवाज नहीं उठी थी। नेहरू ने आजादी के बाद गोवा के लोगों को उनका भविष्य तय करने के लिए एक ओपिनियन पोल की पेशकश की थी और इसके लिए उनकी राय मांगी थी।
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आप-टीएमसी जैसे छोटे दल काट रहे हैं गैर भाजपा वोट
पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने आगे कहा कि हर गुजरने वाले दिन के साथ प्रदेश के मतदाताओं के सामने यह स्थिति स्पष्ट होती जा रही है कि उन्हें इस चुनाव में भाजपा या कांग्रेस में से किसी एक पार्टी को चुनना है। आम आदमी पार्टी (आप) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) जैसे छोटे राजनीतिक दल गैर भाजपा वोट काट रहे हैं।
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