चिदंबरम ने कहा, सरकार मानने को तैयार नहीं है कि वह आर्थिक मोर्चे पर फेल हुई है। साथ ही उसे विपक्ष से राय लेने में शर्म आ रही है। कांग्रेस समेत विपक्ष के अन्य दलों को अछूत की तरह मानते हुए सरकार इस जरूरी मुद्दें पर बात ही नहीं करना चाहती। जबकि पीएम मनमोहन सिंह जैसे अर्थशास्त्र के जानकर से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए सरकार को सलाह लेनी चाहिए।
वित्तीय कोरोना वायरस अर्थव्यवस्था को कर रहा बर्बाद : टीएमसी
टीएमसी सदस्य मानस रंजन भूनिया ने सदन में कहा कि वित्तीय कोरोना वायरस अर्थव्यवस्था को नष्ट कर रहा है और यह वायरस चीन से नहीं आया बल्कि सरकार द्वारा लाया गया है। बजट में देशवासियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया गया। सरकार देश को मुश्किल दौर में ले जा रही है।
चिदंबरम और भूनिया के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद अरुण सिंह ने कहा कि बजट में आम आदमी की हर जरूरत का ध्यान रखा गया है और उनकी हर उम्मीद को पूरा किया गया है। मोदी सरकार पिछल यूपीए सरकार की तुलना में सभी मानकों पर बेहतर है।
यूपीए-2 ने संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव पास किया था कि 100 दिन में महंगाई पर काबू पाया जाएगा लेकिन फेल हुई थी। जबकि मोदी सरकार ने सफलता पूर्वक कीमतों पर लगाम लगाई है। किसानों की अनदेखी पर सिंह ने कहा कि बजट में किसानों के कल्याण के लिए 2.83 लाख रुपये के का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा कृषि उत्पादों को लाने ले जाने के लिए ट्रेन, हवाई सेवा की व्यवस्था भी की जानी है। सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में भी काम कर रही है। इस बजट में 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का रोडमैप है और भारत बहुत जल्द दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।