कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कश्मीर मुद्दे पर कहा है कि कश्मीर के ज्यादातर लोग आजादी नहीं बल्कि स्वायत्तता चाहते हैं। गुजरात के राजकोट में चिदंबरम ने कहा कि 'जम्मू-कश्मीर में हुई अपनी बातचीत के आधार मैं मानता हूं कि वहां आजादी का सीधा मतलब स्वायत्तता है।'
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गौरतलब है कि स्वायत्तता का मुद्दा अपने आप में बहुत पेचीदा है इसमें केंद्र-राज्य के सीधे संबंध शामिल हैं। लगभग सात दशक से जम्मू-कश्मीर की समस्या बरकरार है। सात दशक में कई युद्घ हुए और आए दिन तनातनी होती रहती है। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के लोगाें की समस्याएं बढ़ती चली गईं। ढाई दशक से जम्मू-कश्मीर के हालात नाजुक बने हुए हैं।
My interactions in J&K led me to the conclusion that when they ask for 'Azadi', most people want autonomy: P Chidambaram in Rajkot #Gujarat pic.twitter.com/bpiXZixgC4
— ANI (@ANI) October 28, 2017
ताज महल को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर छिड़ी बहस पर उन्होंने कहा 'यह बेहद दुख की बात है जो लोग ताज महल के इतिहास और संस्कृति को नहीं पहचानते वह ताज पर आपत्तिजनक बातें कहते हैं।'
नोटबंदी पर केंद्र सरकार को घेरते हुए चिदंबरम ने कहा कि नोटबंदी भारत को प्रभावित करने वाली सबसे बड़ी मानव निर्मित आपदा है जो कि 2004 में आई सुनामी से
भी भयंकर है।'