पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का भगवा परिवार के साथ छत्तीस का आंकडा पहले से ही चला आ रहा है। भाजपा के नए निजाम में जिन नेताओं की तूती बोल रही है। चिदंबरम के रिश्ते उनसे बेहत्तर नहीं रहे हैं। यही वजह है कि केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद गांधी परिवार को छोड कांग्रेस नेताओं में सरकार के निशाने पर सबसे ज्यादा चिदंबरम और उनका परिवार रहा है। वे भगवा परिवार के सियासी निशाने पर वे लंबे समय से हैं।
भगवा परिवार के निशाने पर चिदंबरम ही क्यों
सूत्र बताते हैं कि संघ परिवार भगवा आतंकवाद के झूठे आरोपों के लिए उन्हें दोषि मानता है। जब चिदंबरम गृहमंत्री थे तो भगवा आतंकवाद के मामले को तूल देते हुए यूपीए सरकार ने संघ के कई शीर्ष अधिकारियों को जेल भेजने की तैयारी कर ली थी। स्वामी असीमानंद का मामला हो या प्रज्ञा ठाकुर का मामला। इन मामलों को भगवा आतंकवा करार देकर यूपीए ने संघ नेताओं पर शिकंजा कस दिया था।