नासिक के अस्पताल में ऑक्सीजन लीक होने से हादसा
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नासिक के जिस जाकिर हुसैन अस्पताल में ऑक्सीजन रिसाव से इतना बड़ा हादसा हुआ, वहां कुछ दिन पहले ही 13 किलोलीटर क्षमता का नया टैंक स्थापित किया गया था। संभागीय आयुक्त राधाकृष्ण गामे ने कहा कि मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए महानगर पालिका प्रशासन ने यह नया टैंक बैठाया था, लेकिन इसी में दिक्कत हो गई।
महाराष्ट्र में भयावह कोरोना महामारी के बीच नया टैंक आने से वहां भर्ती मरीजों और परिजनों को जिंदगी की उम्मीद जगी थी कि जल्द ठीक होकर घर आ जाएंगे। लेकिन जिंदगी की आस लगाए बैठे उन परिवारों को क्या पता था कि यहीं पर उनके अपनों का अंत हो जाएगा।
उधर, ऑक्सीजन टैंक में रिसाव इतना ज्यादा था कि लोगों को लगा परिसर में आग लग गई है। उन्होंने दमकल विभाग को सूचना दे दी। हादसे से तीन दिन पहले ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने 16 मार्च से 15 अप्रैल के बीच कोविड के आंकड़े जारी कर बताया था कि प्रति दस लाख व्यक्तियों में सर्वाधिक मामले नासिक में ही हैं। इसके बावजूद यहां अस्पतालों में कोविड मरीजों की सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई।
सात सदस्यीय समिति करेगी जांच
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने अस्पताल में भयानक हादसे की जानकारी लेने के बाद कहा कि इस घटना की विभागीय आयुक्त राधाकृष्ण गमे की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस समिति में तकनीकी विशेषज्ञ हर्षल पाटिल भी शामिल रहेंगे। समिति ऐसी घटना दोबारा न होने पर सुझाव भी देगी। वहीं इस हादसे पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि 'मेरे पास शब्द नहीं, मृतकों के परिजनों को कैसे शांत करूं।'