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देश में ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन को सबसे पहले मिल सकती है मंजूरी, जनवरी में टीकाकरण की तैयारी

Sat, 26 Dec 2020 10:03 PM IST
योगेश साहू पीटीआई, नई दिल्ली।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एक अच्छी खबर आ रही है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि भारत सरकार ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन को सबसे पहले आपात प्रयोग के लिए अपनी मंजूरी दे सकती है। हालांकि इससे पहले ब्रिटिश दवा नियामक के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। ब्रिटेन में दवा नियामक अगले हफ्ते ऑक्सफोर्ड के कोविशील्ड टीके को मंजूरी दे सकता है। इसके तुरंत बाद भारत में भी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच जाएगी। भारत में पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट इस टीके को बना रहा है।

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बता दें कि भारत में कोरोना वायरस की रोकथाम के संभावित टीके को जनवरी में बाजार में उतारने की तैयारियां चल रही हैं, ऐसे में सूत्रों का कहना है कि भारतीय औषध नियामक की नजर ब्रिटेन के औषध नियामक पर है। जो सूत्रों के मुताबिक ऑक्सफोर्ड द्वारा निर्मित कोविड-19 के टीके को अगले हफ्ते मंजूरी दे सकता है। भारतीय नियामक उसके बाद ही सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा बनाए जा रहे टीकों के आपात स्थिति में इस्तेमाल के बारे में फैसला लेगा।

ब्रिटेन का नियामक ऑक्सफोर्ड निर्मित टीके को मंजूरी देता है तो केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की कोविड-19 विशेषज्ञ समिति बैठक करके इस पर फैसला लेगी। इसके साथ ही विदेश और भारत में क्लिनिकल आकलन से प्राप्त होने वाले सुरक्षा एवं प्रतिरक्षाजनत्व आंकड़ों की गहराई से समीक्षा करेगी। इस सबके बाद ही देश में टीके के आपात इस्तेमाल संबंधी मंजूरी दी जाएगी।
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भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके ‘कोवैक्सिन’ के आपात इस्तेमाल को मंजूरी देने की प्रक्रिया में कुछ वक्त लग सकता है क्योंकि इसके तीसरे चरण के परीक्षण अभी भी चल रहे हैं। वहीं फाइजर ने अभी तक अपने टीके का प्रस्तुतिकरण नहीं दिया है।

एक सूत्र ने बताया कि इस लिहाज से देखा जाए तो ऑक्सफोर्ड का टीका ‘कोविशिल्ड’ मंजूरी पाने वाला पहला टीका हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने पिछले हफ्ते भारत के औषध महा नियंत्रक (डीसीजीआई) द्वारा मांगे गए अतिरिक्त आंकड़े दिए हैं।

ब्रिटेन में कोरोना वायरस का नया प्रकार सामने आने के बीच सरकार के अधिकारियों ने कहा कि इसका संभावित एवं विकसित होते टीकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत बायोटेक, सीरम इंस्टीट्यूट और फाइजर ने इस महीने की शुरुआत में अपने कोविड-19 टीकों के आपात इस्तेमाल के लिए डीसीजीआई को आवेदन दिया था। फाइजर निर्मित टीके को ब्रिटेन, अमेरिका और बहरीन समेत अनेक देश मंजूरी दे चुके हैं।

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