ऑक्सफैम की रिपोर्ट के अनुसार 2026 शुरू होने के सिर्फ 10 दिनों में दुनिया के सबसे अमीर एक फीसदी लोगों ने अपना पूरा कार्बन कोटा खत्म कर दिया। सबसे अमीर 0.1 फीसदी ने तो 3 जनवरी तक ही सीमा पार कर ली। आइए जानते हैं कि रिपोर्ट में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं।
दुनिया में जलवायु संकट को लेकर बहस के बीच ऑक्सफैम की नई रिपोर्ट ने चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं। रिपोर्ट के अनुसार साल 2026 शुरू होने के महज 10 दिनों के भीतर ही दुनिया के सबसे अमीर एक फीसदी लोगों ने पूरे साल के लिए तय अपना कार्बन कोटा खत्म कर दिया। इसका मतलब है कि वर्ष की शुरुआत में ही अमीर वर्ग ने धरती पर उतना दबाव डाल दिया, जितना गरीब आबादी पूरे साल में भी नहीं डाल पाती।
लग्जरी जीवनशैली और निवेश कैसे बढ़ा रहे संकट?
ऑक्सफैम की रिपोर्ट ‘क्लाइमेट प्लंडर: हाउ अ पावरफुल फ्यू आर लॉकिंग द वर्ल्ड इंटू डिजास्टर’ बताती है कि सुपर-रिच सिर्फ अपनी लग्जरी जीवनशैली से ही नहीं, बल्कि बड़े उद्योगों और कंपनियों में किए गए निवेशों के जरिये भी भारी कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं। निजी जेट, बार-बार हवाई यात्रा, बड़ी गाड़ियां, एयर-कंडीशन्ड घर और ज्यादा बिजली खपत अमीरों के कार्बन फुटप्रिंट को कई गुना बढ़ा देती है।