एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमेशा निशाना साधते रहे हैं। एक बार फिर उन्होंने उत्तर प्रदेश के उन्नाव में पुलिस द्वारा की गई कथित पिटाई के बाद 18 साल के मुस्लिम युवक की मौत पर योगी सरकार को घेरा है।
योगी सरकार के खिलाफ जमकर बरसे ओवैसी
सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 56 फीसद पुलिस बिना किसी जांच के यह मानकर चलती है कि मुस्लिम अपराधी होते हैं। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा, ‘अगर उन्नाव मामले में मृतक का नाम फैसल की जगह विवेक तिवारी जैसा कोई हिंदू नाम होता तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस घटना पर मृतक के परिजनों से जरूर माफी मांगते। साथ ही योगी सरकार मृतक के परिवार वालों को तुरंत अनुग्रह राशि भी देती।
भाजपा पर नफरत फैलाने का लगाया आरोप
ओवैसी ने उन्नाव की घटना पर आगे कहा कि ऐसी घटनाओं से पता चलता है कि यूपी सरकार राज्य में रहने वाले मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैला रही है। ऐसी घटनाएं योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर एक काला धब्बा है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार उन्नाव में कोरोना कर्फ्यू के दौरान शुक्रवार दोपहर दो बजे के करीब फैसल अपने घर के बाहर ही ठेला लगाकर सब्जी बेच रहा था। तभी चौकी के पुलिस कर्मी पहुंच गए। पुलिस को देख फैसल व अन्य दुकानदार भाग पड़े। सिपाहियों ने फैसल को पकड़ लिया और मारपीट कर बाइक में बैठाकर कोतवाली लेकर चले गए। थाने में फैसल की तबीयत खराब हो गई। ऐसे में पुलिस आनन-फानन में उसे अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। फैसल की मौत होने पर सिपाही मौके से भाग निकले। इसके बाद उन्नाव में बवाल खड़ा हो गया। परिजनों ने पुलिस की पिटाई से फैसल की मौत होने का आरोप लगाया। इस मामले में अब तक दो पुलिसकर्मी और होमगार्ड के खिलाफ हत्या के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। फैसल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस द्वारा उसकी बेरहमी से पिटाई किए जाने के सबूत मिले हैं।