एआईएमआईएम के प्रमुख व सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मध्यप्रदेश में भी 'लव जिहाद' अध्यादेश जारी होने के संदर्भ में कहा है कि संविधान में कहीं भी इसकी कोई परिभाषा नहीं है। भाजपा शासित राज्य इसे लेकर संविधान का मखौल उड़ा रहे हैं। ओवैसी ने आगे कहा कि यदि इन राज्यों को कोई कानून बनाना है तो वे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने यानी एमएसपी और बेरोजगारों को रोजगार देने का कानून बनाएं।
निजी जिंदगी में दखल का हक नहीं
मुस्लिम नेता ने कई भाजपा शासित राज्यों में लव जिहाद कानून बनाए जाने पर सख्त एतराज जताते हुए कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 21, 14 व 25 के तहत किसी सरकार को देश के किसी नागरिक की निजी जिंदगी में दखल का अधिकार नहीं है। भाजपा संविधान में दिए गए मूलभूत अधिकारों का साफतौर पर हनन कर रही है।
मध्यप्रदेश में अध्यादेश लागू होगा
बता दें कि मध्यप्रदेश के साथ ही उत्तरप्रदेश, कर्नाटक समेत कई भाजपा शासित राज्यों में लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून बनाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने हाल ही में आयोजित विधानसभा सत्र स्थगित होने के बाद अध्यादेश के जरिए यह कानून लागू करने का फैसला किया है और अध्यादेश को राज्यपाल के पास दस्तखत के लिए भेज दिया है।