एमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर मुस्लिमों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए आंतकी संगठन आईएसआईएस के संदिग्धों को कानूनी मदद मुहैया करानी की बात कही है।
तीन दिन पहले खुफिया एजेंसी एनआईए ने हैदराबाद से 11 लोगों को हिरासत में लिया था, एजेंसी के मुताबिक उनमें से पांच ने कबूला था कि वे आतंकी सरगना के इशारे पर मंदिर में बीफ के टुकड़े रखकर सांप्रदायिक दंगे कराना चाहते थे और कुछ जगहों पर बम धमाके करने की भी योजना थी।
सभी संदिग्ध युवा और पढ़े-लिखे बताए गए थे। कुछ एक ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की थी। इनमें से पांच संदिग्धों की मदद के लिए ओवैसी ने ऐलान किया है।
ओवैसी ने हैदराबाद की मक्का मस्जिद में कहा कि उन्होंने वरिष्ठ वकील अब्दुल अजीम को मुकदमा लड़ने की जिम्मेदारी सौंपी है। ओवैसी ने इस मदद के पीछे संदिग्धों के परिजनों का हवाला दिया। ओवैसी ने बताया के संदिग्धों के परिजनों ने उनसे मदद की गुहार की थी।