कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने शुक्रवार को लोकसभा में सरकार, भाजपा और संघ पर गोरक्षा के नाम पर दलितों और मुसलमानों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। गुजरात के ऊना में दलित युवकों की पिटाई और मंदसौर में गोमांस ले जाने के शक में मुस्लिम महिलाओं की पिटाई का मामला उठाते हुए विपक्ष ने पूछा कि भाजपा और संघ को पुलिस की जिम्मेदारी निभाने का अधिकार किसने दिया है।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इन आरोपों का खंडन करते हुए मध्य प्रदेश सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मंदसौर मामले में राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई की। गृह मंत्री ने इस मामले में पीड़ितों को इंसाफ दिलाने का भी भरोसा दिया।
शून्यकाल में कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद देश भर में मुसलमानों और दलितों पर हो रहे अत्याचार की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। गो रक्षा के नाम पर संघ और भाजपा के कार्यकर्ता राज्य और केंद्र सरकार की शह पर मुसलमानों और दलितों को निशाना बना रही है।
खड़गे ने कहा कि पहले ऊना में मृत गाय का चमड़ा ले जाने पर दलित युवकों को बुरी तरह पीटा गया तो अब मंदसौर में गोमांस के शक में मुस्लिम महिलाओं की पिटाई हुई। खड़गे ने कहा कि जांच में पाया गया कि महिलाओं से बरामद मांस गाय का नहीं बल्कि भैँस का है।
खड़गे ने कहा कि आखिर संघ और भाजपा के कार्यकर्ताओं को पुलिस का काम करने और कानून को अपने हाथ में लेने का किसने अधिकार दिया है। इसके बाद टीएमसी के सांसदों ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला।
जवाब में गृह मंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की। उन्होंने दलितों और मुसलमानों के उत्पीड़न के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने भरोसा दिया कि इन सभी मामलों में पीड़ितों को हर हाल में इंसाफ मिलेगा।