SC-ST एक्ट पर उठ रहे विरोध के स्वर अब उत्तर से दक्षिण भारत तक पहुंच गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जमीनी स्तर पर राजनैतिक पार्टियां इस मुद्दे पर एक साथ आ गई हैं। हम एससी/एसटी अधिनियम को लागू करने के विचार के सख्ती से खिलाफ हैं।
आखिर क्या है SC/ST एक्ट मामला?
SC/ST एक्ट के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस कानून का दुरुपयोग हो रहा है। इस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी न की जाये और पहले से दर्ज केसों में अग्रिम जमानत को भी मंजूरी दी जाये।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि SC/ST से जुड़े मामलों में पुलिस को 7 दिन के भीतर जांच करनी चाहिए और फिर कार्रवाई करना चाहिए। अगर आरोप सरकारी कर्मचारी पर हैं तो उसकी गिरफ़्तारी के लिए उसे नियुक्त करने वाले अधिकारी की सहमति जरूरी होगी।
और यह लिख कर देना होगा कि संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी क्यों हो रही है। अगर आरोपित व्यक्ति सरकारी कर्मचारी नहीं है तो गिरफ्तारी के लिए SSP की सहमति जरूरी होगी। आपको बता दें कि पहले ऐसे मामलों में फौरन गिरफ्तारी हो जाती थी।