फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Contempt Case: केंद्र से जुड़े अवमानना के 1.50 लाख मामले अदालतों में लंबित, अधिकांश विभागों में लीगल सेल नहीं

Mon, 28 Apr 2025 06:52 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

कई मंत्रालयों और विभागों में कानून के जानकार अधिकारियों की कमी है, जिसके चलते अदालती आदेश का जवाब देने में अमूमन देरी होती है। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने ऐसी कार्यवाहियों को रोकने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों के अदालती आदेशों पर समय पर और पर्याप्त प्रतिक्रिया दिए जाने पर जोर दिया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र सरकार से संबंधित लगभग 1.50 लाख अवमानना मामले देश की अलग-अलग अदालतों में लंबित हैं।  कई मंत्रालयों और विभागों में कानून के जानकार अधिकारियों की कमी है, जिसके चलते अदालती आदेश का जवाब देने में अमूमन देरी होती है। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने ऐसी कार्यवाहियों को रोकने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों के अदालती आदेशों पर समय पर और पर्याप्त प्रतिक्रिया दिए जाने    पर जोर दिया है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: India-France Deal: आज 26 राफेल मरीन लड़ाकू विमानों के सौदे पर हस्ताक्षर करेंगे दोनों देश; 63 हजार करोड़ की डील

मंत्रालय ने कहा, अलग-अलग मंत्रालयों या उनके विभागों में मुकदमेबाजी का प्रबंधन करने वाले कई अधिकारियों के पास कानून के क्षेत्र में योग्यता नहीं होती है। इसकी वजह से न्यायिक निर्देशों पर देरी से प्रतिक्रिया होती है। इससे संस्थानों के प्रमुखों के खिलाफ अवमानना के मामले सामने आते हैं। मंत्रालय के कानूनी मामलों के विभाग ने कहा कि संसाधनों की कमी के कारण मुकदमेबाजी के प्रबंधन के लिए मंत्रालयों की क्षमता सीमित है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Pahalgam Attack: ओवैसी ने पाकिस्तान को आड़े हाथ लिया, कहा- पहलगाम में बेगुनाहों की हत्या ISIS जैसी बर्बरता

अधिकांश विभागों में लीगल सेल नहीं
अधिकांश मंत्रालयों और विभागों के पास एक समर्पित कानूनी प्रकोष्ठ नहीं है। ऐसे मामलों को आमतौर पर संबंधित विषय वस्तु की देखरेख करने वाले प्रशासनिक या तकनीकी प्रभागों की ओर से संभाला जाता है। कई बार फैसले और आदेशों का पालन नहीं करने पर अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाती है, जिसे समन्वय तंत्र को बढ़ाकर रोका जा सकता है।

संबंधित वीडियो

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें