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अब नई मुश्किल: महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस की चपेट में आए दो हजार मरीज

Wed, 12 May 2021 07:42 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।

सार

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की दर घटने के साथ ही भयावह रोग म्यूकॉरमायकोसिस यानि ब्लैक फंगस तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में अब तक दो हजार लोग ब्लैक फंगस की चपेट में आ चुके हैं जबकि 8 लोगों की जान जा चुकी है। कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद लोग ब्लैक फंगस की चपेट में आ रहे हैं जिससे उनकी आंख और ब्रेन को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
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ब्लैक फंगस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य के स्वास्थ्यमंत्री राजेश टोपे ने मंगलवार को बताया कि सूबे में अब तक दो हजार लोग ब्लैक फंगस की चपेट में आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित होने के बाद राज्य में ब्लैक फंगस की बीमारी तेजी से बढ़ी है जिससे अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है।

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उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित जो मरीज मधुमेह से पीड़ित हैं उनमें अधिकांश लोगों को म्यूकॉरमायकोसिस के लक्षण दिखाई दिए हैं। टोपे ने कहा कि एमपी-एम्पोथेरिसीन ब्लैक फंगस की दवा है जो हर जगह उपलब्ध है। पहले इसकी कीमत ढाई हजार रुपये थी। लेकिन मांग बढ़ने से इसकी कीमत 6 हजार रुपये हो गई है। इसको देखते हुए राज्य सरकार ब्लैक फंगस रोगियों को महात्मा फुले जन आरोग्य योजना के तहत मुफ्त उपचार देने का फैसला किया है। साथ ही, ब्लैक फंगस रोगियों के लिए अस्पताल में अलग वार्ड बनाए जा रहे हैं।

ब्लैक फंगस उपचार के लिए हॉफकिन इंस्टीट्यूट को एक लाख इंजेक्शन का ऑर्डर
राज्य में म्यूकॉरमायकोसिस रोग के उपचार के लिए उद्धव ठाकरे सरकार ने मुंबई के हॉफकिन इंस्टीट्यूट को 1 लाख इंजेक्शन तैयार करने का आर्डर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने बताया कि ब्लैक फंगस का त्वरित इलाज आवश्यक है। इसलिए यह ऑर्डर दिया गया है। इसके अलावा छह कंपनियों को तीन लाख रेमडेसिविर इंजेक्शन का आर्डर दिया गया है। इसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
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18 से 44 साल की उम्र के लोगों के टीकाकरण को ब्रेक
महाराष्ट्र में कोरोना वैक्सीन की कमीं के कारण 18 से 44 साल की उम्र के लोगों के टीकाकरण पर ब्रेक लग गया है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य में केवल 3500 कोवैक्सीन उपलब्ध है। इसमें करीब पौने दो लाख लोगों का टीकाकरण हो सकता है। जबकि 5 लाख से अधिक लोगों को टीके की दूसरी खुराक देनी है।

इसलिए टीके की कमीं के कारण 18 से 44 साल के लोगों के लिए लाई गई टीके की खुराक अब 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को दी जाएगी। टोपे ने कहा कि वैक्सीन के बारे में मैने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से भी बात की है लेकिन उनके पास भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। वैक्सीन को लेकर हम टॉस्कफोर्स से भी बात कर रहे हैं। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला किया जाएगा।

वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर जारी करेगी बीएमसी
मुंबई में वैक्सीन की कमीं को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) जल्द ही ग्लोबल टेंडर जारी करेगी। राज्य के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने बीएमसी प्रशासन को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ग्लोबल टेंडर के माध्यम से फाइजर, स्पूतनिक वी और जॉनसन एंड ज़ॉनसन आदि विदेशी वैक्सीन भी आयात की जाएगी। ऐसा होने पर मुंबई में तीन सप्ताह में सभी का टीकाकरण किया जा सकता है।

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