उन्होंने कहा कि 2021-22 की अवधि में 29213, 2020-21 में 38116, 2019-20 में 35138 और 2018-19 में 29655 मामले लंबित थे। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 की धारा 12 (3) के अनुसार, केंद्रीय सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्तों की ऐसी संख्या होगी, जो दस से अधिक नहीं होगी, जैसा कि आवश्यक समझा जा सकता है।
सिंह ने कहा, 'वर्तमान में मुख्य सूचना आयुक्त के अलावा चार सूचना आयुक्त सीआईसी में पद पर हैं।' मंत्री ने कहा कि आरटीआई कानून की धारा 15 के तहत राज्य सूचना आयोगों में सूचना आयुक्तों की रिक्तियों को भरना संबंधित राज्य सरकारों का विषय है।
सिंह ने कहा कि सरकार ने कई कदम उठाए हैं जिनमें लोक सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता निर्माण और दिशा-निर्देश जारी करना शामिल है, ताकि वे सूचना की आपूर्ति कर सकें या प्रथम अपील का प्रभावी ढंग से निपटारा कर सकें, जिसके परिणामस्वरूप सूचना आयोग में अपीलों की संख्या कम हो।
उन्होंने कहा कि जहां तक दूसरी अपील का सवाल है, सीआईसी ने आरटीआई अधिनियम की प्रभावशीलता में सुधार के लिए कई पहल की हैं, जैसे कि दूसरी अपील/शिकायतों की जल्द सुनवाई के लिए ई-कोर्ट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग। सिंह ने कहा कि आयोग ने रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण, मामलों की इलेक्ट्रॉनिक रसीदों और पंजीकरण और आरटीआई आवेदकों के लिए एक-क्लिक सूचना खिड़की और मोबाइल ऐप का काम भी पूरा कर लिया है।