सिक्किम के कई जिलों में भारी बारिश ने भारी तबाही मचाई है, यहां सड़कों से लेकर पुल तक पानी में बह चुके हैं। लगातार बारिश ने राज्य में बुनियादी ढांचे और संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि मूसलाधार बारिश के कारण पश्चिम सिक्किम जिले में कई भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जिस कारण सौ से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए और एक बड़ा पुल बह गया।
उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कॉलेज खोला घाटी के ऊपरी इलाकों में बाढ़ आ गई, जिसका सिम्फोक में सबसे अधिक प्रभाव पड़ा, जहां एक बड़ा पुल पानी में बह गया। अधिकारियों ने कहा कि ग्यालशिंग जिले के अंतर्गत डेंटम सब डिवीजन भी भूस्खलन का शिकार हुआ है, यहां घर और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं।
बाढ़ के कारण कृषि भूमि और पशुधन भी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोअर सपुंग में कॉलेज खोला पर बना पुल भी भूस्खलन की वजह से बह गया है। अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को तत्काल राहत प्रदान की, अधिकारियों ने कहा, सड़कों और पुलों की बहाली का काम शुरू कर दिया गया है।
सभी 2464 फंसे पर्यटकों को बचा लिया गया है
उत्तरी सिक्किम के जिला कलेक्टर (डीसी) हेम कुमार छेत्री ने रविवार को कहा कि मौसम संबंधी उतार-चढ़ाव और भूस्खलन के कारण व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के जीर्णोद्धार कार्य के मद्देनजर पर्यटकों को इस सुरम्य जिले में आने के लिए कोई नया परमिट जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी 2,464 फंसे पर्यटकों को बचा लिया गया है।
उन्होंने कहा कि तीन दिन से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद फंसे सभी 2,464 पर्यटकों को निकालने का काम शनिवार शाम पूरा हो गया। उत्तरी सिक्किम डीसी ने कहा कि सभी पर्यटक और नामची कॉलेज के 60 छात्र अधिकारियों द्वारा व्यवस्था किए गए वाहनों से अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।