जबकि कांग्रेस का मानना है कि गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की तरह किसान और नौजवान के नारे के साथ वह यहां भी कमाल कर सकती है। कुल मिलाकर केंद्र में सरकार बनाने की यह लड़ाई प्रदेश में त्रिकोणीय होती दिख रही है। 2009 में भी ऐसा ही त्रिकोणीय मुकाबला हुआ था तब कांग्रेस पार्टी ने 21, सपा ने 23 और बसपा ने 20 सीटों पर जीत पाई थी। भाजपा केवल 10 सीटों पर ही सिमट गई थी।
कांग्रेस ने दिसंबर 2017 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव के परिणामों में सभी चुनावी पंडितों को चौंका दिया था। कांग्रेस ने इस चुनाव में 77 सीटें हासिल की थी। हाल के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा को शिकस्त देने के बाद कांग्रेस पार्टी का हौसला बढ़ा हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बार-बार यह कह रहे हैं कि कांग्रेस को कम समझना एक भूल होगी और पार्टी चुनाव के बाद सबको चौंका सकती है। खैर, यह दावा कितना सही है यह तो चुनाव के परिणाम ही बताएंगे।