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केंद्र सरकार के 30.67 लाख गैर-राजपत्रित कर्मियों में से किसे मिलेगा एडहॉक बोनस, कौन होगा सूची से बाहर

Thu, 22 Oct 2020 05:26 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ई-3-ए ब्रांच ने 21 अक्तूबर को ओएम यानी कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। इसमें विस्तार से बताया गया है कि केंद्र सरकार के कौन से कर्मी इस बोनस के दायरे में आते हैं...
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central employees - फोटो : PTI (File)
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए प्रोडक्टिविटी से जुड़े बोनस और नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंजूरी दी है। सरकार का दावा है कि इससे 30.67 लाख गैर-राजपत्रित सरकारी कर्मचारियों को फायदा पहुंचेगा। केंद्र सरकार ने एडहॉक बोनस की घोषणा के साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इससे राजकोषीय खजाने पर 3,737 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

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अब सवाल यह है कि क्या ये बोनस सभी कर्मियों को मिल सकेगा। इसे लेकर वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ई-3-ए ब्रांच ने 21 अक्तूबर को ओएम यानी कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। इसमें विस्तार से बताया गया है कि केंद्र सरकार के कौन से कर्मी इस बोनस के दायरे में आते हैं।

एडहॉक बोनसः कौन कर्मी हैं पात्र और अपात्र

  • कम से कम छह माह नियमित सेवा में रहे हों और 31 मार्च 2020 को सेवा में हों।
  • जो कर्मचारी अस्थायी तौर से एडहॉक बेस पर नियुक्ति हुए हैं, उन्हें भी ये बोनस मिलेगा, बशर्ते उनकी सेवा के बीच कोई ब्रेक न रहा हो।
  • ऐसे कर्मचारी जो, 31 मार्च 2020 को या उससे पहले सेवा से बाहर हो गए, त्यागपत्र दे दिया हो या सेवानिवृत हुए हों, इसे स्पेशल केस माना जाएगा। इसके तहत वे कर्मी, जो अमान्य तरीके से मेडिकल आधार पर 31 मार्च से पहले रिटायर हो गए या दिवंगत हो गए हैं, लेकिन उन्होंने वित्तीय वर्ष में छह माह तक नियमित सेवा की है तो उसे एडहॉक बोनस के योग्य माना जाएगा। इसके लिए संबंधित कर्मचारी की नियमित सेवा की निकटवर्ती संख्या को आधार बनाकर 'प्रो राटा बेसिस' पर बोनस तय होगा।
  • वे कर्मचारी, जो प्रतिनियुक्ति, विदेश सेवा, केंद्र शासित प्रदेश या किसी पीएसयू में 31 मार्च 2020 को कार्यरत हैं तो उन्हें लेंडिंग डिपार्टमेंट यानी उधार देने वाला विभाग, यह बोनस नहीं देगा। ऐसे केस में उधार लेने वाले संगठन की जिम्मेदारी बनती है कि वह एडहॉक बोनस, पीएलबी, एक्सग्रेसिया और इंसेंटिव स्कीम आदि प्रदान करे, बशर्तें वहां ऐसे प्रावधान चलन में हों।
  • यदि कोई कर्मचारी 'सी' और इससे ऊपर के ग्रेड में है और उसे वित्तीय वर्ष में विदेश सेवा से बीच में ही वापस बुला लिया जाता है तो इस बाबत एडहॉक बोनस का नियम बनाया गया है। इसके तहत वित्तीय वर्ष में विदेशी विभाग से यदि उस कर्मी के मूल विभाग को बोनस और एक्सग्रेसिया राशि मिली है तो संबंधित कर्मी को वह राशि दे दी जाएगी। रिवर्ट होने के बाद भी यदि कर्मी का केंद्र सरकार की तरफ बोनस बकाया है ऐसी स्थिति में केंद्र सरकार उसके एडहॉक बोनस पर प्रतिबंध लगा सकती है।
  • राज्य सरकार, संघ क्षेत्र और पीएसयू से कोई कर्मचारी यदि रिवर्स डेपुटेशन पर केंद्र सरकार में आता है तो उन्हें एडहॉक बोनस दिया जाएगा।
  • ऐसे कर्मी, जो सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद दोबारा से जॉब में आए हैं, उन्हें नए कर्मचारी मानकर बोनस का निर्धारण होगा।
  • ऐसे कर्मचारी, जो वित्तीय वर्ष के दौरान अर्ध वेतन अवकाश पर हैं, ईओएल पर हैं या शैक्षणिक अवकाश लिए हुए हैं, इन्होंने यदि उक्त अवधि के अलावा नियमों से परे कोई अवकाश लिया है तो वह पीरियड काउंट नहीं होगा। हालांकि एडहॉक बोनस के लिए वह पीरियड ब्रेक इन सर्विस, नहीं माना जाएगा।
  • अनुबंध वाले कर्मचारी, जो दूसरे भत्ते जैसे महंगाई भत्ता व अंतरिम राहत आदि के लिए योग्य है तो उसे एडहॉक बोनस भी मिलेगा। यदि कोई कर्मचारी उक्त भत्तों की श्रेणी में नहीं आता है तो उसे केजुअल लेबर के हिसाब से बोनस दिया जाएगा।
  • यदि कोई कर्मचारी, वित्तीय वर्ष में सस्पेंड रहा है तो उसके लिए बोनस के अलग नियम बनाए गए हैं। ऐसे कर्मी, जब सेवा में दोबारा आते हैं और उन्हें पहले वाले सभी लाभ मिलते हैं तो उस स्थिति में उन्हें एडहॉक बोनस के योग्य माना जाएगा।
  • विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में ट्रांसफर होने वाले कर्मी एडहॉक बोनस के योग्य माने जाएंगे, यदि उनकी सेवा में कोई ब्रेक नहीं है। ऐसे मामले में दोनों विभागों के सर्विस पीरियड को जोड़ा जाएगा। ऐसे कर्मी जो प्रतियोगी परीक्षा पास कर एक विभाग से दूसरे विभाग में चले गए हैं, वे भी एडहॉक बोनस के योग्य होंगे। हालांकि ऐसे मामले में जो बोनस की राशि दी जाएगी, वह उस विभाग द्वारा जारी होगी, जहां वह कर्मचारी 31 मार्च 2020 को कार्यरत रहा है।
  • वे कर्मचारी, जिन्हें सरकारी विभाग से ट्रांसफर किया गया है, क्या वे एडहॉक बोनस के योग्य होंगे, इस बाबत कहा गया है कि उनका बोनस वह विभाग काउंट करेगा, जहां पर वे 31 मार्च को सेवा में थे।
  • सामान्य तय वेतन पर काम करने वाले पार्ट टाइम कर्मियों को यह बोनस नहीं मिलेगा।
  • वे कर्मचारी जो पिछले तीन साल से अलग अलग विभागों में काम कर रहे थे और 31 मार्च 2020 को भी वे किसी विभाग में थे, इनके लिए भी एक नियम बनाया गया है। इनकी योग्यता तीन साल के कार्यकाल से तय होगी। एक साल में 240 दिन के दौरान वे एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में चले गए हों और उन्हें एक्सग्रेसिया या दूसरे भत्ते नहीं मिलें हों तो उन्हें यह बोनस मिलेगा।
  • यदि कोई केजुअल लेबर है और उसे वित्तीय वर्ष में नियमित किया गया है, लेकिन वह 31 मार्च 2020 को छह माह की नियमित सेवा वाली योग्यता पूरी नहीं करता है, तो उसे एडहॉक बोनस का फायदा नहीं मिलेगा। उसे नियमित कर्मी की भांति इस बोनस का लाभ नहीं दिया जा सकता।
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