गृहमंत्री अमित शाह ने आगे कहा, मैंने हमेशा सुना है कि हमारे इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा गया और गलत तरीके से लिखा गया है। यह सच हो सकता है, लेकिन अब हमें अपने गौरवशाली इतिहास के बारे में लिखने से कौन रोक सकता है?
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असमिया योद्धा लचित बरफुकन की 400वीं जयंती समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि लचित बरफुकन का जीवन न केवल एक सेनापति के रूप में बल्कि एक देशभक्त के रूप में रहा। सराईघाट की लड़ाई को आज भी याद किया जाता है और याद किया जाना चाहिए।
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शाह ने आगे कहा, मैंने हमेशा सुना है कि हमारे इतिहास को तोड़ा-मरोड़ा गया और गलत तरीके से लिखा गया है। यह सच हो सकता है, लेकिन अब हमें अपने गौरवशाली इतिहास के बारे में लिखने से कौन रोक सकता है?
शाह ने कहा, मैं यहां सभी विद्वानों और प्रोफेसरों से अपील करता हूं कि वे देश के किसी भी हिस्से में डेढ़ सौ से ज्यादा वर्षों तक शासन करने वाले तीस साम्राज्यों और तीन सौ ऐसे महान व्यक्तियों के बारे में शोध, अध्ययन और लेखन करें, जिन्होंने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी और बलिदान दिया।
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गृहमंत्री ने आगे कहा हमने उत्तर-पूर्व के राज्यों को करीब लाने का काम किया है। नए विकसित हवाई अड्डों और रेलवे लाइनों ने दूरी को कर दिया है और इस क्षेत्र को मुख्यधारा के राज्यों से जोड़ दिया है।