रक्षाबंधन के दिन ओडिशा हाईकोर्ट ने एक ऐसे भाई की जेल की सजा बरकरार रखी है, जिसने मानवता को तार-तार करने और भाई-बहन के रिश्ते को शर्मिंदा करने वाला अपराध किया था। दोषी पर अपनी बहन के साथ बार-बार बलात्कार करने और 14 साल की उम्र में उसे गर्भवती करने का आरोप था।
हाईकोर्ट के न्यायाधीश एस के साहू ने इस मामले में निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते उसे जेल भेजने का आदेश दिया। इस दौरान उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि उन्हें रक्षाबंधन के दिन ऐसे मामले का फैसला करना पड़ा।
इसके साथ ही न्यायाधीश एस के साहू ने दोषी की अपील खारिज करते हुए उस पर 40,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने पर दोषी को अतिरिक्त दो साल के लिए कठोर कारावास की सजा काटनी होगी।
न्यायाधीश ने इस बात पर अफसोस जताया कि उन्हें रक्षाबंधन के दिन ऐसे मामले का फैसला करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस मामले की सुनवाई करना और एक शुभ दिन पर फैसला सुनाना चौंकाने वाला और विडंबनापूर्ण है, जब एक भाई न केवल अपनी बहन की रक्षा करने का बल्कि अपनी आखिरी सांस तक उसका पालन-पोषण करने का भी वचन लेता है।
बता दें कि दोषी को पहले मलकानगिरी विशेष न्यायाधीश की अदालत ने मई 2018 और मई 2019 के बीच अपने गांव में अपनी छोटी बहन के साथ बार-बार बलात्कार करने के लिए दोषी ठहराया था। साथ ही उसे जनवरी 2020 में बहन को दूसरों को इसका खुलासा न करने की धमकी देने के लिए भी दोषी ठहराया गया था।
ढेंकनाल में लोहे की फैक्टरी में हादसा, छह घायल
इस बीच ओडिशा के ढेंकनाल जिले में एक निजी लौह कारखाने में बुधवार को ब्लास्ट फर्नेस पाइपलाइन में विस्फोट हो गया। इस दौरान यहां काम करने वाले कम से कम छह मजदूर झुलस गए। घटना पेरजांग पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत कुलेई में हुई। ढेंकनाल के एसपी ज्ञानरंजन महापात्र ने बताया कि तीन घायलों को प्रारंभिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि दो अन्य को कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेफ किया गया है।