भारतीय सेना ने ‘आइडियाज एंड इनोवेशन’ प्रतियोगिता का आयोजन सफलतापूर्वक किया। गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि प्रतियोगिता में कुल 43 नवाचार प्रस्तुत किए गए, जो प्रतिभागियों की विविध और दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं।
भारतीय सेना के स्पीयर कॉर्प्स के तत्वावधान में दाओ डिवीजन ने सफलतापूर्वक चार दिवसीय ‘आइडियाज एंड इनोवेशन’ प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें भारतीय सेना के जवानों की रचनात्मकता, तकनीकी कौशल और समस्या-समाधान क्षमता को एक मंच मिला। इस आयोजन ने ऐसे अग्रणी समाधानों को प्रस्तुत करने का अवसर दिया, जिनका उद्देश्य परिचालन क्षमता, युद्धक्षेत्र की तैयारी और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ाना था।
प्रतियोगिता में कुल 43 नवाचार प्रस्तुत किए गए
गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि प्रतियोगिता में कुल 43 नवाचार प्रस्तुत किए गए, जो प्रतिभागियों की विविध और दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। इनमें उन्नत आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अनुप्रयोग, अत्याधुनिक हथियार संशोधन और निगरानी, टोही व परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए नवाचारी ड्रोन एकीकरण प्रमुख रहे। इस आयोजन ने न केवल सैनिकों की उभरती तकनीकों को सैन्य उपयोग में ढालने की क्षमता को उजागर किया, बल्कि सेना की जमीनी स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।
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कार्यक्रम ने आत्मनिर्भर भारत को सशक्त करने में मदद की
कई परियोजनाओं का ध्यान गतिशीलता बढ़ाने, संचार प्रणाली में सुधार और फील्ड ऑपरेशन के लिए किफायती समाधान विकसित करने पर रहा। मौके पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने प्रतिभागियों की समर्पण भावना और रचनात्मक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास भारतीय सेना की भविष्य के लिए तैयार रहने की क्षमता को मजबूत करते हैं।
उन्होंने दोहराया कि आधुनिक युद्ध में तकनीकी प्रगति और सैनिकों की सृजनशीलता ही परिचालन उत्कृष्टता की रीढ़ है। उन्होंने कहा, कार्यक्रम ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन को भी सशक्त किया, जिससे रक्षा क्षेत्र की चुनौतियों के लिए स्वदेशी समाधान विकसित हों और बाहरी तकनीकों पर निर्भरता घटे। पारंपरिक सोच से आगे बढ़ने के लिए सैनिकों को प्रेरित करते हुए, ‘आइडियाज एंड इनोवेशन’ प्रतियोगिता ने सशस्त्र बलों में नवाचार-आधारित प्रगति का नया मानक स्थापित किया।